
Angiography Procedure: सीने में दर्द, सांस फूलना या हार्ट अटैक का खतरा होने पर डॉक्टर अक्सर एंजियोग्राफी कराने की सलाह देते हैं। लेकिन बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है कि आखिर एंजियोग्राफी के दौरान डॉक्टर शरीर के अंदर क्या देखते हैं? क्या यह कोई ऑपरेशन है? और मशीन कैसे पता लगाती है कि दिल की नसों में ब्लॉकेज है या नहीं?
Mayo Clinic, NIH और Cleveland Clinic के अनुसार, एंजियोग्राफी एक विशेष जांच है, जिसकी मदद से डॉक्टर रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) के अंदर रक्त प्रवाह और किसी भी प्रकार की रुकावट को देख सकते हैं। यह जांच खासतौर पर दिल की धमनियों में ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए की जाती है।
एंजियोग्राफी एक इमेजिंग टेस्ट है जिसमें एक विशेष डाई (Contrast Dye) और एक्स-रे तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह डाई रक्त वाहिकाओं में प्रवाहित होती है और एक्स-रे मशीन उसकी तस्वीरें लेती है। इससे डॉक्टर को नसों के अंदर का रास्ता साफ दिखाई देता है। यही वजह है कि एंजियोग्राफी को दिल की नसों में ब्लॉकेज का पता लगाने का सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता है।
बहुत से लोग सोचते हैं कि मशीन सीधे नसों के अंदर झांकती है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता। पूरी प्रक्रिया में तीन चीजें मिलकर काम करती हैं:
डॉक्टर हाथ या जांघ की धमनी में एक पतली और लचीली ट्यूब डालते हैं। इसे कैथेटर कहा जाता है। यह ट्यूब धीरे-धीरे दिल की धमनियों तक पहुंचाई जाती है।
जब कैथेटर सही जगह पहुंच जाता है, तब उसमें विशेष डाई छोड़ी जाती है। यह डाई रक्त के साथ धमनियों में फैल जाती है।
एक्स-रे मशीन लगातार तस्वीरें लेती है। डाई की वजह से रक्त वाहिकाएं स्क्रीन पर साफ दिखाई देने लगती हैं और डॉक्टर देख पाते हैं कि खून का प्रवाह सामान्य है या कहीं रुकावट मौजूद है।
एंजियोग्राफी के दौरान डॉक्टर मुख्य रूप से इन बातों का मूल्यांकन करते हैं:
नसों में ब्लॉकेज- सबसे महत्वपूर्ण बात यह देखी जाती है कि किसी धमनी में रुकावट है या नहीं।
ब्लॉकेज कितना बड़ा है- यदि रुकावट है तो डॉक्टर यह भी देखते हैं कि वह 30%, 50%, 70% या उससे अधिक है।
कितनी नसें प्रभावित हैं- कई बार एक से ज्यादा धमनियों में ब्लॉकेज होता है। एंजियोग्राफी इसकी सटीक जानकारी देती है।
रक्त प्रवाह- डॉक्टर यह भी जांचते हैं कि दिल तक खून कितनी अच्छी तरह पहुंच रहा है।
अधिकांश लोगों को प्रक्रिया के दौरान दर्द नहीं होता। कैथेटर डालते समय हल्की चुभन महसूस हो सकती है। डाई छोड़ते समय कुछ सेकंड के लिए शरीर में गर्माहट का एहसास हो सकता है, जो सामान्य है।
आमतौर पर यह जांच 30 मिनट से 2 घंटे के बीच पूरी हो जाती है। जांच के बाद कुछ घंटों तक निगरानी में रखा जा सकता है।
एंजियोग्राफी को सुरक्षित प्रक्रिया माना जाता है। हालांकि किसी भी मेडिकल प्रक्रिया की तरह इसमें भी कुछ जोखिम हो सकते हैं, जैसे ब्लीडिंग, संक्रमण, डाई से एलर्जी, रक्त वाहिका को नुकसान, दुर्लभ मामलों में हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो सकता है। इसीलिए यह जांच हमेशा प्रशिक्षित कार्डियोलॉजिस्ट की निगरानी में की जाती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।