स्वास्थ्य

Biliary Colic: खाना खाने के बाद पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द, हेल्थलाइन ने बताया हो सकता है बिलीअरी कोलिक का संकेत

Biliary Colic Cause: खाना खाने के बाद पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द क्यों होता है? हेल्थलाइन और क्लीवलैंड क्लिनिक से समझें बिलीअरी कोलिक (Biliary Colic) के लक्षण, गॉलब्लैडर की पथरी से इसका संबंध और राहत पाने के उपाय।
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Sep 28, 2026
Person holding their upper right stomach in severe pain after eating a meal
खाना खाने के बाद पेट के ऊपरी हिस्से में उठने वाला तेज दर्द बिलीअरी कोलिक का लक्षण हो सकता है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Biliary Colic Hindi: कई बार भारी या तला-भुना खाना खाने के बाद पेट के ऊपरी हिस्से में अचानक तेज दर्द उठने लगता है। अक्सर लोग इसे गैस, एसिडिटी या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या कोई एंटासिड दवा खा लेते हैं। लेकिन अगर यह दर्द बार-बार हो रहा है और पीठ या कंधे तक फैल रहा है, तो यह साधारण गैस नहीं बल्कि बिलीअरी कोलिक (Biliary Colic) की समस्या हो सकती है। बिलीअरी कोलिक तब होता है जब गॉलब्लैडर (पित्ताशय) में बनी पथरी पित्त की नली में रुकावट पैदा करती है। आइए जानते हैं कि बिलीअरी कोलिक क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे राहत कैसे पाई जा सकती है।

बिलीअरी कोलिक क्या है और यह क्यों होता है?

हेल्थलाइन के मुताबिक, हमारे पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में लिवर के ठीक नीचे एक छोटा सा अंग होता है, जिसे गॉलब्लैडर या पित्ताशय कहते हैं। इसका काम लिवर द्वारा बनाए गए पित्त (Bile) को जमा करना होता है, जो हमारे खाने में मौजूद फैट (वसा) को पचाने में मदद करता है। जब हम भारी या वसायुक्त (Fatty) खाना खाते हैं, तो गॉलब्लैडर सिकुड़ता है और पित्त को छोटी आंत में भेजता है। लेकिन अगर गॉलब्लैडर में पहले से कोई पथरी (Gallstones) मौजूद है, तो वह पित्त बहने वाली नली के मुहाने पर आकर अटक जाती है। इसके कारण नली में रुकावट आती है और पित्ताशय में दबाव बढ़ जाता है, जिससे तेज और ऐंठन भरा दर्द महसूस होता है। इसी स्थिति को बिलीअरी कोलिक कहा जाता है।

बिलीअरी कोलिक के मुख्य लक्षण

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, बिलीअरी कोलिक का दर्द काफी अचानक और तेज होता है। इसके मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं;

  • पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द।
  • दर्द का पीठ तक फैलना।
  • खाने के बाद दर्द बढ़ना।
  • उल्टी और मिचली।
  • दर्द 1 से 5 घंटे तक लगातार बना रह सकता है।

किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा रहता है?

गॉलब्लैडर में पथरी और बिलीअरी कोलिक की समस्या किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका जोखिम बढ़ जाता है;

  • महिलाओं में ज्यादा खतरा।
  • वजन ज्यादा होना या अचानक कम होना।
  • गलत खान-पान।
  • 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में।

बिलीअरी कोलिक और साधारण गैस के दर्द में अंतर कैसे समझें?

अक्सर लोग गैस के दर्द और बिलीअरी कोलिक में फर्क नहीं कर पाते। साधारण गैस का दर्द पेट में घूमता रहता है, ढकार आने या गैस पास होने पर आराम महसूस होता है। लेकिन बिलीअरी कोलिक का दर्द एक ही जगह पर बहुत तेज और चुभने वाला होता है। यह दर्द बैठने, लेटने या स्थिति बदलने से भी कम नहीं होता और जब तक पथरी नली से हट नहीं जाती, दर्द लगातार बना रहता है।

इसका इलाज और बचाव कैसे किया जाता है?

अगर आपको बार-बार ऐसा दर्द होता है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। डॉक्टर आमतौर पर पेट का अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) करवाकर यह देखते हैं कि गॉलब्लैडर में पथरी कितनी और कैसी है। शुरुआती दौर में दर्द कम करने की दवाएं दी जाती हैं। लेकिन अगर पथरी बार-बार रुकावट पैदा कर रही है, तो डॉक्टर सर्जरी के जरिए गॉलब्लैडर को हटाने (Cholecystectomy) की सलाह देते हैं। गॉलब्लैडर हटने के बाद भी पाचन क्रिया पर कोई खास बुरा असर नहीं पड़ता है। जब तक इलाज चल रहा हो, बहुत ज्यादा तेल-मसालेदार और फैट वाले भोजन से दूर रहें। हरी सब्जियां, फल और फाइबर युक्त चीजें ज्यादा खाएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
28 Sept 2026 01:32 pm
Published on:
28 Sept 2026 01:32 pm