
Body Odor After Shower: रोज अच्छे से नहाना, महंगे साबुन और डियोड्रेंट का इस्तेमाल करना इसके बावजूद अगर कुछ ही घंटों में शरीर से अजीब सी महक या खट्टी गंध आने लगे, तो यह किसी झुंझलाहट से कम नहीं है। कई लोग इसे महज पसीने की समस्या मानकर टाल देते हैं, लेकिन पसीना खुद बदबूदार नहीं होता। असली खेल बैक्टीरिया और त्वचा के मेल का है। अगर नहाने के बाद भी शरीर की गंध पीछा नहीं छोड़ रही है, तो इसके पीछे सिर्फ साफ-सफाई की कमी नहीं, बल्कि शरीर के अंदर चल रही कुछ और बातें जिम्मेदार हो सकती हैं। आइए जानते हैं इसके असली कारण।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हमारे शरीर में दो तरह की पसीने की ग्रंथियां (sweat glands) होती हैं, एक्रीन और एपोक्राइन। एक्रीन ग्रंथियां पूरे शरीर पर होती हैं और पानी जैसा पसीना निकालती हैं। वहीं एपोक्राइन ग्रंथियां मुख्य रूप से कांख या बगल (underarms) और जांघों के बीच (groin area) में होती हैं। इनसे निकलने वाले पसीने में प्रोटीन और फैट होता है। जब त्वचा पर रहने वाले बैक्टीरिया इस पसीने को खाते हैं, तो जो गंध बनती है वही बॉडी ओडर का मुख्य कारण होती है। अगर नहाते वक्त इन जगहों को सही तरीके से न साफ किया जाए, तो बैक्टीरिया वहीं रह जाते हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, कई बार हम नहाने के तुरंत बाद कपड़े पहन लेते हैं और शरीर के कुछ हिस्से (जैसे फोल्ड्स या अंडरआर्म्स) पूरी तरह सूख नहीं पाते। नमी बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद जगह होती है। इसके अलावा, अगर आपका तौलिया कई दिनों से धूप में नहीं सूखा है या उसमें सीलन है, तो वह बैक्टीरिया का घर बन जाता है। साफ नहाने के बाद भी उसी टॉवल का इस्तेमाल करने से गंध दोबारा शरीर पर ट्रांसफर हो जाती है।
आप जो खाते हैं, उसका असर आपकी त्वचा के रोमछिद्रों (pores) से बाहर निकलता है। अत्यधिक लहसुन, प्याज, तेज मसाले, कैफीन और रेड मीट का सेवन पसीने की गंध को काफी तीखा बना सकता है। जब शरीर इन चीज़ों को पचाता है, तो इनके कंपाउंड्स पसीने के जरिए बाहर आते हैं जो नहाने के बाद भी कुछ घंटों तक बने रह सकते हैं।