स्वास्थ्य

Constipation During Fast: व्रत में कब्ज से बचने के लिए क्या करना चाहिए, हार्वर्ड हेल्थ और NIDDK से जानें

Constipation During Fast: व्रत या उपवास के दौरान कब्ज और पेट भारी रहने की शिकायत आम हो जाती है। पानी की कमी और फाइबर न मिलने से यह दिक्कत बढ़ती है। हार्वर्ड हेल्थ और NIDDK से जानिए पाचन ठीक रखने के उपाय।
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Oct 15, 2026
पानी की कमी और फाइबर न मिलने से व्रत में कब्ज की समस्या बढ़ जाती है।
पानी की कमी और फाइबर न मिलने से कब्ज और पेट भारी रहने की शिकायत बढ़ती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Constipation During Fast: नवरात्रि, एकादशी या सोमवार के व्रत में अक्सर लोग पेट में भारीपन, गैस और कब्ज (Constipation) जैसी समस्याओं से परेशान हो जाते हैं। जब हम अचानक अपनी दैनिक दिनचर्या बदलते हैं या खाना-पीना कम कर देते हैं, तो पाचन तंत्र की गति धीमी पड़ जाती है। उपवास के दिनों में कम पानी पीना और फाइबर युक्त आहार न लेना कब्ज का सबसे प्रमुख कारण बनता है। कई लोग व्रत में दिनभर भूखे रहते हैं और शाम को एक बार में ढेर सारा तला-भुना फलाहार खा लेते हैं, जिससे आंतों पर दबाव पड़ता है। अगर आप भी उपवास के दौरान पेट ठीक न रहने की समस्या से जूझ रहे हैं, तो कुछ आसान आदतों को अपनाकर पाचन को स्वस्थ रख सकते हैं। आइए जानते हैं व्रत में कब्ज से राहत पाने के आसान तरीके।

व्रत में कब्ज क्यों होती है और पाचन तंत्र पर असर

NIDDK के अनुसार, उपवास के दौरान भोजन की मात्रा अचानक कम हो जाती है। जब शरीर को नियमित रूप से घुलनशील और अघुलनशील फाइबर नहीं मिलता, तो आंतों की मल त्यागने की प्राकृतिक प्रक्रिया धीमी हो जाती है। हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, लंबे समय तक भूखे रहने से पेट में एसिड का संतुलन भी बिगड़ सकता है, जिससे मल कठोर हो जाता है। इसके अलावा, व्रत के दौरान चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन करना भी पेट सुखाने का काम करता है। डिहाइड्रेशन या शरीर में पानी की कमी होने पर आंतें भोजन से बचा-कुचा पानी भी सोख लेती हैं, जिससे पेट साफ होना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसलिए व्रत में सिर्फ भूखा रहना ही काफी नहीं है, बल्कि सही आहार चुनना बहुत जरूरी है।

उपवास के दौरान पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पीते रहें

कब्ज से बचने का सबसे पहला और आसान नियम है शरीर को हाइड्रेटेड रखना। जब आप ठोस आहार कम लेते हैं, तो पानी की जरूरत और ज्यादा बढ़ जाती है। दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। केवल सादा पानी पीने के बजाय नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ का सेवन करें। सुबह उठकर खाली पेट एक से दो गिलास हल्का गुनगुना पानी पीने से आंतों की सफाई तेजी से होती है।

फाइबर युक्त फलाहार चुनें जो आंतों की सफाई करे

व्रत के दौरान कुट्टू के पकोड़े या साबूदाने की तली हुई टिक्की खाने से कब्ज की समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है। इसकी जगह फाइबर से भरपूर प्राकृतिक चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें। सेब, पपीता, अमरूद और नाशपाती जैसे फलों में भरपूर मात्रा में फाइबर और प्राकृतिक पानी होता है। विशेषकर पपीता पेट साफ करने में बेहद मददगार माना जाता है। व्रत में लौकी, खीरा, कद्दू और टमाटर जैसी हल्की और सुपाच्य सब्जियों का सेवन करें। आप इनका सूप या सात्विक सब्जी बनाकर खा सकते हैं। मखाने में भी फाइबर पाया जाता है। समा के चावल पचने में हल्के होते हैं और पेट को राहत पहुंचाते हैं। 2-3 अंजीर और 4-5 मुनक्का रात को पानी में भिगो दें। सुबह इनका सेवन करने और इनका पानी पीने से पेट की पुरानी से पुरानी कब्ज में आराम मिलता है। भीगे हुए बादाम पचने में आसान होते हैं और आंतों को प्राकृतिक चिकनाई प्रदान करते हैं।

हल्का व्यायाम और टहलना पाचन के लिए जरूरी

व्रत के दिनों में लगातार बैठे रहने या दिनभर लेटे रहने से भी आंतों की गति सुस्त हो जाती है। भोजन या फलाहार करने के बाद तुरंत न सोएं। सुबह और शाम कम से कम 15 से 20 मिनट हल्की वॉक जरूर करें। शरीर की हलचल से आंतों में संकुचन होता है, जिससे पेट आसानी से साफ होता है। हल्के योगासन और प्राणायाम करने से पेट के अंगों में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है और कब्ज में राहत मिलती है।

व्रत के दौरान कब्ज से बचना बहुत आसान है, बस आपको अपनी डाइट में फाइबर और पानी का संतुलन बनाए रखना होगा। अधिक तला-भुना खाने से बचें और पपीता, भीगे मेवे, छाछ व पर्याप्त पानी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यदि उपवास में सही खान-पान रखा जाए, तो पेट पूरी तरह हल्का और स्वस्थ रहता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
15 Oct 2026 07:00 am