
नवरात्रि व्रत में सही मात्रा में फाइबर युक्त फलाहार और पर्याप्त पानी लेने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है और पेट में गैस या कब्ज की शिकायत नहीं होती- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)
Navratri Fiber Diet: नवरात्रि के नौ दिनों में बहुत से लोग पूरी निष्ठा के साथ उपवास रखते हैं। व्रत के दौरान हम सामान्य अनाज जैसे गेहूं या चावल की जगह कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना और मेवों का सेवन करते हैं। लेकिन अक्सर यह देखा जाता है कि व्रत के दूसरे या तीसरे दिन से ही कई लोगों को पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी और कब्ज (Constipation) की शिकायत होने लगती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह होती है कि उपवास के दौरान हम तली-भुनी चीजें तो खा लेते हैं, लेकिन हमारे शरीर को जितनी मात्रा में फाइबर मिलना चाहिए, वह नहीं मिल पाता। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार, पाचन तंत्र को सही तरीके से चलाने और कब्ज से बचने के लिए दैनिक आहार में फाइबर और पानी का संतुलन होना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कि इस नवरात्रि आप अपनी डाइट में किन चीजों को शामिल करके अपना पाचन दुरुस्त रख सकते हैं।
NIDDK के मुताबिक, एक वयस्क को रोजाना लगभग 22 से 34 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। व्रत में अनाज बंद होने से फाइबर का इनटेक अचानक घट जाता है। इसे पूरा करने के लिए अपनी थाली में ये चीजें जरूर शामिल करें;
NIDDK की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जब भी आप अपने आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाते हैं, तो उसके साथ पर्याप्त पानी पीना अनिवार्य है। अगर आप फाइबर तो खा रहे हैं लेकिन पानी कम पी रहे हैं, तो इससे कब्ज की समस्या कम होने के बजाय बढ़ सकती है। दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं। सादे पानी के अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, ताजी छाछ (मट्ठा) और लस्सी का सेवन करें। इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहता है और सुस्ती नहीं आती।
उपवास के दौरान कई लोग सुस्ती की वजह से दिनभर लेटे या बैठे रहते हैं। NIDDK के अनुसार, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से आंतों की हलचल (Bowel Movement) तेज होती है, जिससे खाना आसानी से पचता है। व्रत में भारी एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सुबह या शाम 20-30 मिनट की हल्की सैर (Walking) जरूर करें। हल्का योगासन या प्राणायाम करने से भी पेट के अंगों की मालिश होती है और पाचन क्रिया सुचारू रूप से काम करती है।
पबमेड का सुझाव है कि पेट को साफ और नियमित रखने के लिए एक निश्चित दिनचर्या पालन करना चाहिए। सुबह नाश्ता या फलाहार करने के 15 से 45 मिनट बाद शौचालय जाने का प्रयास करें, क्योंकि खाना खाने के बाद आंतें स्वाभाविक रूप से मल को आगे धकेलती हैं। जब भी पेट साफ होने का संकेत मिले, तो उसे बिल्कुल न रोकें और पर्याप्त समय दें।
नवरात्रि व्रत के दौरान सेहतमंद बने रहने का सबसे सरल फॉर्मूला यही है कि आपकी थाली में फाइबर और पानी की सही मात्रा हो। फल, हरी सब्जियां, मखाने और भरपूर पानी आपको दिनभर ऊर्जावान रखेंगे और पेट से जुड़ी हर समस्या से बचाएंगे। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप बिना किसी शारीरिक परेशानी के अपने व्रत को खुशी-खुशी पूरा कर सकते हैं।
Updated on:
14 Oct 2026 10:50 am
Published on:
14 Oct 2026 10:49 am
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