Cracked Heels Causes: फटी एड़ियां केवल ड्राई स्किन नहीं, बल्कि डायबिटीज और थायराइड जैसी छिपी बीमारियों का शुरुआती अलार्म हो सकती हैं। जानें डॉक्टर की सलाह।
Thyroid Signs on Skin: अक्सर लोग फटी एड़ियों (Cracked Heels) को सिर्फ सर्दियों का असर, धूल-मिट्टी या त्वचा का रूखापन (Dryness) मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। बाजार में मिलने वाली तरह-तरह की क्रीम लगाना या पेडीक्योर करा लेना ही इसका एकमात्र इलाज समझ लिया जाता है। लेकिन मेडिकल साइंस के नजरिए से देखें तो यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। पैरों की फटी एड़ियां केवल बाहरी स्किन की समस्या नहीं, बल्कि आपके शरीर के भीतर पनप रही गंभीर बीमारियों का शुरुआती अलार्म भी हो सकती हैं।
आइए, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. टी. पी. शर्मा से समझते हैं कि फटी एड़ियां आपके शरीर की किन छिपी हुई बीमारियों की तरफ इशारा करती हैं और इन्हें पहचानना क्यों जरूरी है।
फटी एड़ियों का एक सबसे बड़ा और गंभीर संबंध अनियंत्रित ब्लड शुगर से है। डॉ. टी. पी. शर्मा बताते हैं कि लंबे समय तक ब्लड शुगर लेवल बढ़ा रहने से शरीर की नसें कमजोर होने लगती हैं, जिसे मेडिकल भाषा में डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy) कहा जाता है। जब पैरों की नसें डैमेज होती हैं, तो वहां पसीना और प्राकृतिक तेल बनाने वाली ग्रंथियां ठीक से काम नहीं कर पातीं।
इसके कारण पैरों की त्वचा अत्यधिक सूखी और कड़क हो जाती है, जिससे एड़ियां फटने लगती हैं। डॉ. शर्मा चेतावनी देते हैं कि डायबिटीज के मरीजों के लिए ये दरारें बेहद खतरनाक हैं, क्योंकि इनमें इंफेक्शन होने पर 'डायबिटिक फुट अल्सर' का रूप ले सकता है, जिसे ठीक होने में लंबा समय लगता है।
अगर आपकी एड़ियां मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी लगातार फट रही हैं, तो यह थायराइड ग्रंथि की सुस्ती का संकेत हो सकता है। जब शरीर में थायराइड हार्मोन का प्रोडक्शन कम हो जाता है (Hypothyroidism), तो शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। इसके कारण त्वचा को पर्याप्त नमी नहीं मिल पाती और वह बेजान होकर फटने लगती है। इसके साथ ही मरीजों को थकान और अचानक वजन बढ़ने जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।
डॉ. शर्मा के मुताबिक, खराब डाइट भी फटी एड़ियों की एक बड़ी वजह है। जब शरीर में विटामिन-C, विटामिन-E, और जिंक जैसे जरूरी विटामिंस और मिनरल्स की कमी हो जाती है, तो त्वचा अपनी इलास्टिसिटी (लचीलापन) खो देती है। त्वचा का लचीलापन कम होने से पैरों पर शरीर का वजन पड़ते ही एड़ियों की स्किन क्रैक होने लगती है।
वजन ज्यादा होने के कारण जब आप चलते हैं, तो पैरों के नीचे के पैड (Heel Pad) पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। अगर इस दौरान त्वचा सूखी है, तो वह खिंचाव के कारण फट जाती है। इसके अलावा पीछे से खुले फुटवियर (जैसे स्लीपर्स या सैंडल) पहनने से पैरों की फैट बाहर की तरफ फैलती है, जिससे दरारें और गहरी हो जाती हैं।
यदि भरपूर पानी पीने, नारियल तेल या फुट क्रीम लगाने और पैरों को साफ रखने के बाद भी हफ्तों तक एड़ियों की दरारें ठीक न हों, या उनसे खून आने लगे, तो तुरंत सचेत हो जाएं। ऐसी स्थिति में ब्लड शुगर टेस्ट (HbA1c), थायराइड प्रोफाइल (TSH) और जरूरी विटामिंस की जांच कराने की सलाह डॉक्टर देते हैं, ताकि समस्या को जड़ से पकड़ा जा सके।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।