स्वास्थ्य

Stretch Marks: शरीर पर हो रहे स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं कुशिंग सिंड्रोम के संकेत, मेयो क्लिनिक से जानें बचने के उपाय

Stretch Marks And Cushing Syndrome: अक्सर हम खिंचाव के निशानों(स्ट्रेच मार्क्स) को सामान्य वजन का बढ़ना-घटना मान लेते हैं, लेकिन मेयो क्लिनिक के अनुसार ये शरीर में कोर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ने का संकेत भी हो सकते हैं। जानिए इसके मुख्य लक्षण, वजह और बचाव के उपाय।
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Aug 03, 2026
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शरीर पर होने वाले स्ट्रेच मार्क्स भी हो सकते हैं कुशिंग सिंड्रोम- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Gemini)

Stretch Marks Cause: जब भी हमारे पेट, जांघों या बाहों पर खिंचाव के निशान यानी स्ट्रेच मार्क्स दिखाई देते हैं, तो हम यही सोचते हैं कि थोड़ा वजन बढ़ गया होगा, कम हुआ होगा या फिर यह डिलीवरी के बाद के निशान होंगे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर ये निशान गहरे गुलाबी, लाल या बैंगनी रंग के और चौड़े हों, तो यह सिर्फ त्वचा की बात नहीं बल्कि आपके अंदरूनी हार्मोन्स के बिगड़ने का इशारा हो सकता है? मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, ऐसे स्ट्रेच मार्क्स कुशिंग सिंड्रोम (Cushing Syndrome) नाम की बीमारी का संकेत हो सकते हैं। कभी-कभी, यह टाइप 2 मधुमेह का कारण भी बन सकता है। इसका इलाज जितनी जल्दी शुरू होगा, ठीक होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, क्यों होती है और इससे कैसे बचा जाए।

कुशिंग सिंड्रोम आखिर है क्या?

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाईजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार, कुशिंग सिंड्रोम तब होता है जब हमारे शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) हॉर्मोन जरूरत से ज्यादा बनने लगता है या जमा हो जाता है। कोर्टिसोल को तनाव का हॉर्मोन (Stress Hormone) भी कहते हैं। वैसे तो कोर्टिसोल हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है यह ब्लड प्रेशर संभालता है, शरीर में सूजन कम करता है और जो हम खाते हैं उससे ताकत बनाने में मदद करता है। लेकिन जब यह हद से ज्यादा बढ़ जाता है, तो शरीर के पूरे सिस्टम को बिगाड़ने लगता है।

स्ट्रेच मार्क्स से इसका क्या संबंध है?

आम स्ट्रेच मार्क्स पतले और हल्के सफेद या भूरे रंग के होते हैं। लेकिन कुशिंग सिंड्रोम वाले स्ट्रेच मार्क्स थोड़े अलग और अजीब दिखते हैं। जब शरीर में कोर्टिसोल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह हमारी त्वचा का लचीलापन और उसे मजबूती देने वाले तत्वों को कमजोर कर देता है। इससे त्वचा बहुत पतली और नाजुक हो जाती है। ऐसे में जब पेट या कमर पर चर्बी बढ़ती है, तो पतली त्वचा खिंचने लगती है और अंदर की खून की नसें बाहर झलकने लगती हैं। इसी वजह से पेट, जांघों, कूल्हों, छाती और बाहों पर गहरे गुलाबी, लाल या बैंगनी रंग के चौड़े निशान पड़ जाते हैं।

शरीर में और क्या-क्या बदलाव दिखते हैं?

  • चेहरा गोल और सूजा हुआ दिखना (Moon Face)।
  • गर्दन के पीछे चर्बी जमा होना (Buffalo Hump)।
  • पेट का बढ़ना और हाथ-पैर पतले होना।
  • त्वचा पर जल्दी नील पड़ना।
  • हर समय सुस्ती और कमजोरी।
  • महिलाओं और पुरुषों में असर।
  • पुरुषों में कमजोरी और यौन इच्छा की कमी हो सकती है।
  • बीपी बढ़ना, बात-बात पर गुस्सा या चिड़चिड़ापन होना, नींद न आना और हड्डियां कमजोर होना।

यह बीमारी क्यों होती है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, स्टेरॉयड दवाओं का ज्यादा इस्तेमाल सबसे बड़ी वजह है। अस्थमा, गठिया (जोड़ों का दर्द), एलर्जी या किसी गंभीर बीमारी में डॉक्टर जो स्टेरॉयड दवाएं (गोलियां, इंजेक्शन या इनहेलर) देते हैं, उन्हें अगर बिना डॉक्टरी सलाह के बहुत लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में लिया जाए, तो यह दिक्कत हो जाती है। कई बार हमारे दिमाग या पेट के अंदर की ग्रंथियों में छोटी-मोटी रसोली (ट्यूमर) बन जाती है। हालांकि ये ज्यादातर कैंसर वाली नहीं होतीं, लेकिन इनकी वजह से शरीर जरूरत से ज्यादा कोर्टिसोल बनाने लगता है।

इससे बचने के तरीके

  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न खाएं।
  • चल रही स्टेरॉयड दवा अचानक बंद न करें।
  • खाने में हरी सब्जियां, दूध और प्रोटीन वाली चीजें शामिल करें।
  • रोज थोड़ी वॉक या हल्का व्यायाम जरूर करें।
  • तनाव कम लें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
03 Aug 2026 07:40 am
Published on:
03 Aug 2026 07:40 am