स्वास्थ्य

डायलिसिस क्या है और कैसे काम करता है? Mayo Clinic और NIDDK से समझिए किडनी का पूरा विज्ञान

Process of Dialysis: डायलिसिस मशीन आखिर करती क्या है? Mayo Clinic, NIDDK और National Kidney Foundation के अनुसार जानिए किडनी फेल होने पर डायलिसिस कैसे काम करता है।

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Jun 11, 2026
Dialysis in Hindi Dialysis Machine Kidney Failure Kidney Disease
डायलिसिस को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Definition of Dialysis: जब किसी मरीज को डॉक्टर बताते हैं कि अब उसे डायलिसिस की जरूरत है, तो यह सुनकर अक्सर डर और चिंता दोनों पैदा हो जाते हैं। कई लोगों को लगता है कि डायलिसिस कोई इलाज है, जबकि कुछ लोग यह भी नहीं जानते कि आखिर यह मशीन शरीर में करती क्या है।

असल में डायलिसिस का सीधा संबंध हमारी किडनी से है। किडनी शरीर का वह अंग है जो हर पल खून को साफ करने, अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थों (Waste Products) को बाहर निकालने का काम करता है। लेकिन जब किडनी यह काम ठीक से नहीं कर पाती, तब डायलिसिस की जरूरत पड़ती है।

मेयो क्लिनिक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीजेज (NIDDK) और नेशनल किडनी फाउंडेशन (NKF) के अनुसार, डायलिसिस एक ऐसी प्रक्रिया है जो खराब हो चुकी किडनी के कुछ महत्वपूर्ण कामों को अस्थायी रूप से पूरा करने में मदद करती है।

पहले समझिए किडनी शरीर में क्या काम करती है?

हमारे शरीर में दो किडनियां होती हैं, जो रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ कमर के पास स्थित रहती हैं। आकार में भले ही ये छोटी हों, लेकिन इनके काम बेहद महत्वपूर्ण हैं।

  • खून को फिल्टर करती है
  • शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालती है
  • अतिरिक्त पानी को यूरिन के जरिए बाहर भेजती है
  • शरीर में नमक और खनिजों का संतुलन बनाए रखती है
  • ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करती है
  • लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भूमिका निभाती है

NIDDK के अनुसार, स्वस्थ किडनियां हर दिन लगभग 150 से 180 लीटर खून को फिल्टर करती हैं।

किडनी फेल होने पर शरीर में क्या होता है?

Mayo Clinic के मुताबिक, जब किडनियां धीरे-धीरे या अचानक अपना काम करना बंद कर देती हैं, तो शरीर में खतरनाक बदलाव शुरू हो सकते हैं। खून में अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं। अतिरिक्त पानी शरीर में रुकने लगता है। नमक, पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है। इसके कारण मरीज में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • पैरों और टखनों में सूजन
  • लगातार थकान
  • सांस फूलना
  • भूख कम लगना
  • मतली और उल्टी
  • पेशाब की मात्रा में बदलाव
  • ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
  • त्वचा में खुजली

यदि स्थिति गंभीर हो जाए तो यह जानलेवा भी हो सकती है।

डायलिसिस मशीन आखिर करती क्या है?

NKF के अनुसार, डायलिसिस मशीन को आप कृत्रिम किडनी की तरह समझ सकते हैं। जब किडनी खून को साफ नहीं कर पाती, तब डायलिसिस मशीन यह काम करने में मदद करती है। मशीन खून से विषैले पदार्थ हटाती है। अतिरिक्त पानी निकालती है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। एसिड और बेस का संतुलन नियंत्रित करती है। हालांकि यह असली किडनी जितनी प्रभावी नहीं होती, लेकिन मरीज को जीवित रखने और उसकी जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

डायलिसिस के दौरान क्या होता है?

सबसे आम प्रकार हेमोडायलिसिस (Hemodialysis) है। इस प्रक्रिया में मरीज का खून एक ट्यूब के जरिए मशीन तक पहुंचता है। मशीन में मौजूद विशेष फिल्टर (Dialyzer) खून से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त तरल पदार्थ अलग कर देता है। इसके बाद साफ किया गया खून दोबारा शरीर में वापस भेज दिया जाता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर सप्ताह में तीन बार की जाती है और प्रत्येक सत्र लगभग 3 से 5 घंटे तक चल सकता है।

क्या डायलिसिस किडनी को ठीक कर देता है?

Mayo Clinic और NIDDK के अनुसार, डायलिसिस किडनी को ठीक नहीं करता। यह केवल किडनी के कुछ जरूरी कार्यों को पूरा करने में मदद करता है। यदि किसी मरीज की किडनी स्थायी रूप से फेल हो चुकी है, तो उसे लंबे समय तक डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है या फिर किडनी ट्रांसप्लांट सबसे प्रभावी विकल्प हो सकता है।

क्या डायलिसिस के बाद सामान्य जीवन जिया जा सकता है?

National Kidney Foundation के अनुसार, सही इलाज, संतुलित आहार, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करके कई लोग डायलिसिस के साथ वर्षों तक सक्रिय जीवन जीते हैं। हालांकि मरीज को खानपान, पानी की मात्रा और दवाओं को लेकर विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
11 Jun 2026 02:27 pm