
Eczema Symptoms: कई लोगों को त्वचा में खुजली, लालपन या रैशेज की समस्या बार-बार होती है। वे क्रीम लगाते हैं, कुछ दिन राहत मिलती है, लेकिन फिर वही परेशानी लौट आती है। अक्सर इसे मौसम, एलर्जी या सामान्य स्किन प्रॉब्लम समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन यह एक्जिमा (Eczema) का संकेत भी हो सकता है।
मेडलाइनप्लस, मेयो क्लिनिक, अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) और नेशनल एक्जिमा एसोसिएशन के अनुसार, एक्जिमा कोई संक्रामक बीमारी नहीं है, बल्कि त्वचा से जुड़ी ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा सूखी, खुजलीदार और संवेदनशील हो जाती है। यह समस्या बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी प्रभावित कर सकती है।
मेडलाइनप्लस के अनुसार एक्जिमा , जिसे Atopic Dermatitis भी कहा जाता है, त्वचा में सूजन पैदा करने वाली एक सामान्य समस्या है। इसमें त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है, जिससे त्वचा आसानी से सूखने लगती है और बाहरी चीजों से प्रभावित हो सकती है। यह समस्या अक्सर लंबे समय तक बनी रह सकती है और समय-समय पर इसके लक्षण बढ़ या कम हो सकते हैं।
Mayo Clinic के अनुसार, खुजली एक्जिमा का सबसे आम लक्षण है। कई लोगों में खुजली इतनी ज्यादा होती है कि रात की नींद तक प्रभावित हो सकती है। खुजलाने से त्वचा और ज्यादा खराब हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
यदि त्वचा बार-बार लाल, रूखी या खुरदुरी दिखाई देती है, तो यह भी एक्जिमा का संकेत हो सकता है। कुछ लोगों में त्वचा फटने लगती है और उसमें जलन महसूस हो सकती है।
National Eczema Association के अनुसार, लंबे समय तक खुजलाने से त्वचा मोटी और गहरे रंग की दिखाई देने लग सकती है। इसे डॉक्टर एक्जिमा से जुड़ा बदलाव मानते हैं।
एक्जिमा शरीर के कई हिस्सों में हो सकता है, लेकिन आमतौर पर यह हाथों पर, गर्दन पर, कोहनियों के अंदर और घुटनों के पीछे साथ ही चेहरे और सिर की त्वचा पर ज्यादा दिखाई देता है।
AAD के अनुसार, कुछ चीजें एक्जिमा के लक्षणों को बढ़ा सकती हैं:
हालांकि हर व्यक्ति में ट्रिगर अलग-अलग हो सकते हैं।
यदि खुजली लगातार बनी रहे, त्वचा से पानी निकलने लगे, दर्द हो या घरेलू उपायों से राहत न मिले, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। एक्जिमा का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन सही देखभाल, मॉइस्चराइजिंग और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपचार से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।