स्वास्थ्य

शेखर सुमन के बेटे आयुष सुमन की दिल की दुर्लभ बीमारी Endomyocardial Fibroelastosis से हुई थी मौत, जानिए लक्षण

Endomyocardial Fibroelastosis Cause: शेखर सुमन के बेटे आयुष सुमन (Shekhar Suman Son Death) की जान लेने वाली दुर्लभ दिल की बीमारी एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोइलास्टोसिस (EFE) क्या है? नेशनल आर्गेनाइजेशन ऑफ रेयर डिजीज और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन से जानें इसके कारण और लक्षण क्या हैं?

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Jun 22, 2026
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शेखर सुमन फाइल फोटो (Source- @instashekhusuman)

Endomyocardial Fibroelastosis Symptoms: शेखर सुमन अपने शो "शेखर टूनाइट" की वजह से फिर से चर्चा में आ गए हैं। खासकर, राजनीति पर किए जा रहे उनके मजेदार और तीखे तंज लोगों को बेहद पसंद आ रहे हैं। मशहूर अभिनेता और उनकी पत्नी अलका के बड़े बेटे आयुष सुमन की मौत की कहानी आज भी उन्हें सहमा देती है। सुमन ने बताया भी है कि एक ज्योतिष ने कहा है कि मृत बेटा पोते के रूप में उनके घर आने वाला है।

इसके बाद से मृतक बेटे के बारे में बातें हो रही हैं। बता दें, साल 1995 में मात्र 11 वर्ष की उम्र में आयुष इस दुनिया से चले गए थे। दिल की एक दुर्लभ बीमारी के कारण मौत हो गई थी जिसके बारे में हम नीचे जानेंगे-

एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोइलास्टोसिस: एक दुर्लभ बीमारी

उनकी मौत की वजह एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोइलास्टोसिस (Endomyocardial Fibroelastosis) नाम की एक बहुत ही दुर्लभ (Rare) और लाइलाज दिल की बीमारी थी। आइए AHA जर्नल और नेशनल आर्गेनाइजेशन ऑफ रेयर डिजीज से समझते हैं कि ये बीमारी क्या होती है? इसके कारण और लक्षण क्या हैं?

क्या है यह एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोइलास्टोसिस बीमारी?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, एंडोकार्डियल फाइब्रोइलास्टोसिस (ईएफई) शिशुओं और बच्चों के दिल से जुड़ी बीमारी है। लेकिन यह दुर्लभ मामलों में वयस्कों में भी हो सकती है। इस बीमारी में बच्चे के दिल के अंदरूनी हिस्से की दीवार बहुत ज्यादा मोटी और सख्त (कड़क) हो जाती है। इस कारण से दिल ठीक से फैल ही नहीं पाता। जब दिल फैलेगा नहीं, तो वह पूरे शरीर में सही तरीके से खून को पंप नहीं कर पाएगा, जिससे धीरे-धीरे हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

यह बीमारी क्यों होती है?

यह बीमारी ज्यादातर बच्चों में जन्मजात (यानी पैदा होने के समय से ही) होती है। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हो सकते हैं, जैसे;

  • गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान मां या पेट में पल रहे बच्चे को कोई वायरल इन्फेक्शन (संक्रमण) हो गया हो।
  • गर्भ में बच्चे के दिल को पूरी और सही मात्रा में ऑक्सीजन न मिली हो।
  • कुछ मामलों में यह जेनेटिक (अनुवांशिक या खानदानी) भी हो सकती है।

एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोइलास्टोसिस के मुख्य लक्षण क्या हैं?

  • बच्चा बहुत तेजी से सांस लेता है या सांस लेते समय हांफने लगता है।
  • दूध पीने में दिक्कत और थकावट लगना।
  • चेहरे और पैरों में सूजन आना।
  • लगातार खांसी और चिड़चिड़ापन।
  • त्वचा का रंग पीला या नीला पड़ना।

एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोइलास्टोसिस (EFE) होने के मुख्य कारण?

  • अचानक होने वाले बदलाव (EFE 1 - स्पोरेडिक)।
  • परिवार या माता-पिता से मिलने वाली बीमारी (EFE 2 - एक्स-लिंक्ड रिसेसिव)।
  • माता-पिता दोनों से खराब जीन मिलना (ऑटोसोमल रिसेसिव)।
  • बार्थ सिंड्रोम (Barth Syndrome) और कार्नीटीन की कमी (Carnitine Deficiency)।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
22 Jun 2026 02:19 pm
Published on:
22 Jun 2026 02:12 pm