Father's Weight And Child Obesity: अब तक यह माना जाता था कि बच्चे के जन्म और उसकी सेहत के लिए सिर्फ मां का फिट होना जरूरी है। लेकिन एक ताजा रिसर्च के मुताबिक, बच्चे के गर्भधारण (कंसीव) होने से पहले पिता का वजन और उनकी लाइफस्टाइल कैसी है, इसका सीधा असर बच्चे के मोटे होने के खतरे (चाइल्डहुड ओबेसिटी) पर पड़ता है।

Father's Weight And Child Obesity: जब भी प्रेग्नेंसी या बच्चे की सेहत की बात आती है, तो सारा ध्यान मां की डाइट और हेल्थ पर ही केंद्रित होता है। मां अच्छा खाएगी तो बच्चा हेल्दी होगा, यह हम सब सुनते आए हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि होने वाले पापा का बढ़ता वजन या उनका पेट निकलना भी बच्चे की सेहत पर सीधा असर डाल सकता है?
स्प्रिंगर (Springer) के जर्नल करंट ओबेसिटी रिपोर्ट्स में प्रकाशित एक नई वैज्ञानिक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि पुरुषों के वजन का उनके होने वाले बच्चे के मोटे होने के रिस्क से बहुत गहरा कनेक्शन है। बच्चा पैदा होने से महीनों पहले एक पुरुष की लाइफस्टाइल कैसी है, यह तय करता है कि उसके बच्चे का मेटाबॉलिज्म कैसा होगा। आइए जानते हैं कि इस रिसर्च में और क्या बातें सामने आयी हैं?
रिसर्च में बताया गया है कि जब किसी पुरुष का वजन बहुत ज्यादा होता है या वह मोटापे का शिकार होता है, तो इसका असर उनके शुक्राणुओं के अंदर मौजूद केमिकल सिग्नल्स पर पड़ता है। इसे एपिजेनेटिक मार्क्स (Epigenetic Marks) कहते हैं। ये मार्क्स बच्चे के जीन्स (Genes) के काम करने के तरीके को बदल देते हैं। मतलब, मां के वजन के अलावा, पिता के शुक्राणुओं के जरिए यह मोटापे का सिग्नल बच्चे के अंदर चला जाता है, जिससे आगे चलकर बच्चे में मोटापे का खतरा बढ़ सकता है।
इस रिसर्च की सबसे राहत देने वाली बात यह है कि ये बायोलॉजिकल सिग्नल्स हमेशा के लिए फिक्स नहीं होते। पुरुषों का शरीर लगातार नए शुक्राणु बनाता रहता है। अगर कोई पुरुष बच्चा कंसीव करने से 3 से 6 महीने पहले अपनी डाइट ठीक कर ले, नियमित एक्सरसाइज करे और वजन कम कर ले, तो उनके स्पर्म पर मौजूद ये खराब केमिकल मार्क्स मिट जाते हैं। इसे साइंस में प्रीकंसेप्शन विंडो (Preconception Window) कहते हैं।
असर सिर्फ गर्भधारण करने तक ही सीमित नहीं रहता, बच्चे के जन्म के बाद भी पिता की भूमिका बहुत बड़ी होती है। रिसर्च कहती है कि नए पापा बनने के बाद अक्सर पुरुषों का वजन बढ़ जाता है। बच्चे अपने पिता को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं। अगर पापा खुद ज्यादा अनहेल्दी स्नैक्स खाते हैं, कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं या दिनभर सोफे पर बैठे रहते हैं, तो बच्चे भी वही आदतें अपना लेते हैं। इसके विपरीत, अगर पिता घर में हेल्दी खाना खाते हैं और बच्चों के साथ शारीरिक खेल खेलते हैं, तो बच्चों में मोटापे का खतरा अपने आप कम हो जाता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।