
Gonorrhoea Symptoms: अगर आपको पेशाब करते समय जलन महसूस हो रही है, गुप्तांगों से असामान्य स्राव (डिस्चार्ज) हो रहा है या बार-बार पेशाब आने की समस्या बनी हुई है, तो इसे सामान्य यूरिन इंफेक्शन समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। कुछ मामलों में ये लक्षण गोनोरिया (Gonorrhoea) नाम के यौन संचारित संक्रमण (Sexually Transmitted Infection-STI) का संकेत हो सकते हैं।
अमेरिका के Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, गोनोरिया एक सामान्य लेकिन गंभीर संक्रमण है। यदि समय पर इसकी पहचान और इलाज न हो, तो यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। चिंता की बात यह है कि कई संक्रमित लोगों में शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई ही नहीं देते।
गोनोरिया एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो Neisseria gonorrhoeae नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है और जननांग, मलाशय (रेक्टम), गले तथा कुछ मामलों में आंखों को भी प्रभावित कर सकता है।CDC के मुताबिक, यह संक्रमण किसी भी यौन सक्रिय व्यक्ति को हो सकता है।
कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होते। लेकिन जब लक्षण दिखाई देते हैं, तो उनमें शामिल हो सकते हैं:
MedlinePlus के अनुसार, महिलाओं में गोनोरिया के शुरुआती लक्षण कई बार बहुत हल्के होते हैं या बिल्कुल नहीं होते। इसी कारण संक्रमण लंबे समय तक बिना इलाज के रह सकता है और बाद में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।
CDC और NCBI के अनुसार, समय पर इलाज न मिलने पर गोनोरिया कई जटिलताओं का कारण बन सकता है। महिलाओं में श्रोणि सूजन रोग (Pelvic Inflammatory Disease - PID), बांझपन का खतरा बढ़ना, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भ ठहरना) का कारण बन सकता है। वहीं पुरुषों में एपिडिडिमिस में सूजन और प्रजनन क्षमता प्रभावित होना (दुर्लभ मामलों में) हो सकता है। यदि संक्रमण खून में फैल जाए, तो यह जोड़ों और शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है।
डॉक्टर लक्षण और जोखिम के आधार पर जांच की सलाह दे सकते हैं। इसमें आमतौर पर पेशाब का नमूना, प्रभावित हिस्से से स्वैब (सैंपल), प्रयोगशाला जांच शामिल हो सकती हैं।
CDC के अनुसार, गोनोरिया का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है। लेकिन दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेनी चाहिए। इलाज पूरा करना और जरूरत पड़ने पर यौन साथी की भी जांच व इलाज कराना महत्वपूर्ण है, ताकि संक्रमण दोबारा न फैले।
इन उपायों से जोखिम कम किया जा सकता है:
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।