स्वास्थ्य

क्या है Good Girl Syndrome? डॉक्टर ने बताया महिलाओं में इस वजह से बढ़ रही है ये बीमारी

Good Girl Syndrome के कारण कई महिलाएं लगातार तनाव में रहती हैं। डॉक्टरों के अनुसार इससे cortisol बढ़ता है, हार्मोनल असंतुलन, अनियमित पीरियड्स और PCOS का खतरा बढ़ सकता है। जानिए इसके लक्षण और बचाव।

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Mar 09, 2026
Good Girl Syndrome (photo- gemini ai)

Good Girl Syndrome symptoms: आज के समय में बहुत सी लड़कियां और महिलाएं हमेशा परफेक्ट बनने की कोशिश करती हैं। हर काम सही करना, सबको खुश रखना और अपनी भावनाओं को दबा देना यह सब धीरे-धीरे एक आदत बन जाता है। इसी व्यवहार को Good Girl Syndrome कहा जाता है। यह कोई आधिकारिक बीमारी नहीं है, लेकिन इसके असर शरीर और दिमाग दोनों पर साफ दिखाई देते हैं।

एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. वाई.डी. मेहरप्रसाद के अनुसार, कई युवा महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की एक बड़ी वजह यह मानसिक दबाव भी बन रहा है। जब कोई महिला लगातार दूसरों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करती है और अपनी भावनाएं दबा लेती है, तो शरीर हमेशा तनाव की स्थिति में रहता है।

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कैसे बिगड़ते हैं हार्मोन

जब हम लंबे समय तक तनाव में रहते हैं तो शरीर में कॉर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है। सामान्य स्थिति में यह हार्मोन किसी खतरे या मुश्किल समय में बढ़ता है और बाद में कम हो जाता है। लेकिन अगर कोई हमेशा तनाव में रहे या परफेक्ट बनने का दबाव महसूस करे, तो कॉर्टिसोल लगातार हाई रहता है। इसका असर महिलाओं के दूसरे हार्मोन पर भी पड़ता है। कई बार शरीर प्रोजेस्टेरोन जैसे जरूरी हार्मोन कम बनाने लगता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और चेहरे पर एक्ने की समस्या भी बढ़ सकती है।

PCOS का खतरा भी बढ़ सकता है

डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक बढ़ा हुआ कॉर्टिसोल इंसुलिन रेजिस्टेंस को भी बढ़ा सकता है। इसका मतलब है कि शरीर शुगर को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इससे पेट के आसपास वजन बढ़ने लगता है और ओव्यूलेशन यानी अंडा बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि कई मामलों में यह स्थिति PCOS जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है।

शरीर देता है ये संकेत

अगर कोई महिला लंबे समय से इस तरह के दबाव में रह रही है, तो शरीर कुछ संकेत देने लगता है। जैसे:

  • पीरियड्स का अनियमित होना या बंद हो जाना
  • रात में नींद न आना या हमेशा थकान महसूस होना
  • बार-बार चिंता या मूड स्विंग होना
  • डाइट करने के बावजूद वजन कम न होना
  • इन लक्षणों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

कैसे तोड़ा जा सकता है यह चक्र

डॉक्टरों के अनुसार, अगर हार्मोनल समस्या का शक हो तो समय-समय पर थायरॉइड, इंसुलिन और दूसरे हार्मोन टेस्ट कराना जरूरी है। अगर PCOS या थायरॉइड की समस्या हो तो उसका इलाज भी समय पर शुरू करना चाहिए। इसके अलावा लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव भी बहुत जरूरी हैं। रोजाना पूरी नींद लें, योग या एक्सरसाइज को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। अपनी भावनाओं को दबाने की बजाय किसी से बात करें या डायरी लिखें। विशेषज्ञों का मानना है कि असली सेहत तब मिलती है जब हम दूसरों को खुश करने से ज्यादा अपने शरीर और मन का ख्याल रखें। हमेशा परफेक्ट बनने की कोशिश करने के बजाय संतुलित जीवन जीना ज्यादा जरूरी है।

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Published on:
09 Mar 2026 11:03 am
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