स्वास्थ्य

हर गैस-एसिडिटी मामूली नहीं, Mayo Clinic कहता है- पेट में छिपा H. Pylori बैक्टीरिया बढ़ा सकता है अल्सर और कैंसर का खतरा

H. Pylori Bacteria Cause: पेट में बार-बार होने वाली गैस और जलन को न करें नजरअंदाज! जानिए मेयो क्लिनिक के अनुसार पेट के खतरनाक H. Pylori बैक्टीरिया के लक्षण, कारण और इससे होने वाले नुकसान।
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Jul 01, 2026
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हमारे पेट में एच. पाइलोरी नाम का बैक्टीरिया धीरे-धीरे पेट के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचाने लगता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

H. Pylori Bacteria Symptoms: क्या आपके पेट में अक्सर जलन रहती है, खट्टी डकारें आती हैं या गैस बनती है? हममें से ज्यादातर लोग इसे सिर्फ चाय-समौसे या मसालेदार खाने का असर मानकर गोली खाते हैं और भूल जाते हैं। लेकिन हर बार इसे मामूली समझना भारी पड़ सकता है।

मेयो क्लिनिक की एक रिपोर्ट कहती है कि हमारे पेट में एच. पाइलोरी नाम का बैक्टीरिया धीरे-धीरे पेट के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचाने लगता है, जिससे आगे चलकर पेट में गहरे घाव (अल्सर) हो सकते हैं और बात कैंसर तक भी पहुंच सकती है। आइए जानते हैं कि ये क्या होता है।

क्या होता है एच. पाइलोरी (H. Pylori) बैक्टीरिया?

एच. पाइलोरी एक तरह का बैक्टीरिया है जो हमारे पेट के अंदर की सुरक्षा परत (lining) में जाकर रहने लगता है। हमारे पेट में खाना पचाने के लिए जो एसिड बनता है, यह बैक्टीरिया उस तेज एसिड में भी आसानी से जिंदा रह जाता है। यह धीरे-धीरे पेट की इस सुरक्षा परत को कमजोर करने लगता है, जिससे एसिड सीधे पेट के अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है और घाव (अल्सर) बन जाते हैं।

इसके लक्षण क्या हैं, कैसे पहचानें?

  • पेट में चुभन और जलन होना।
  • पेट का गुब्बारे जैसा फूलना।
  • बार-बार खट्टी डकारें आना।
  • उल्टी जैसा मन होना।
  • भूख गायब हो जाना।

ये पेट में पहुंचता कैसे है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह कीड़ा गंदगी और लापरवाही की वजह से हमारे शरीर में घुसता है;

अगर खाना बनाने या खाने से पहले हाथ अच्छे से न धोए जाएं, या पानी साफ न हो, तो यह पेट में पहुंच जाता है।
घर में अगर किसी एक को यह समस्या है, तो उसके जूठे बर्तन इस्तेमाल करने या उसकी लार के संपर्क में आने से यह दूसरे इंसान को भी हो सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
01 Jul 2026 12:51 pm