
Hay Fever Symptoms: मौसम बदलते ही क्या आपकी नाक भी बहने लगती है? क्या आप लगातार आने वाली छींकों से परेशान हो जाते हैं? अगर हां, तो इसे मामूली सर्दी-जुकाम समझने की गलती बिल्कुल न करें। एनसीबीआई, मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट्स बताती हैं कि ये लक्षण हे फीवर (Hay Fever) के हो सकते हैं। इसे एलर्जिक राइनाइटिस (Allergic Rhinitis) भी कहते हैं। हे फीवर का नाम भले ही फीवर (बुखार) हो, लेकिन इसमें बुखार नहीं आता। यह एक तरह की एलर्जी है।
क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार, जब हमारा शरीर हवा में मौजूद बारीक कणों (जैसे धूल, मिट्टी या परागकण) के संपर्क में आता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम इन्हें एक खतरे की तरह देखने लगता है। इससे बचने के लिए शरीर हिस्टामाइन नाम का केमिकल रिलीज करता है। इसी केमिकल की वजह से नाक और आंखों में सूजन आ जाती है, जिससे लगातार छींकें और नाक बहने जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं।
एनसीबीआई (NCBI) की गाइडलाइन में इन दोनों के बीच का अंतर बहुत साफ तरीके से समझाया गया है। सामान्य सर्दी-जुकाम वायरस की वजह से होता है और हफ्ते-दस दिन में ठीक हो जाता है। लेकिन हे फीवर हफ्तों या महीनों तक चल सकता है। सर्दी-जुकाम में हल्का बुखार और शरीर में दर्द हो सकता है, लेकिन हे फीवर में कभी बुखार नहीं आता। जुकाम में नाक से गाढ़ा पीला बलगम निकलता है, जबकि हे फीवर में पानी हमेशा एकदम साफ और पतला होता है।
मौसम वाली एलर्जी वसंत, गर्मी या पतझड़ की शुरुआत में परेशान करती है। ऐसा तब होता है जब पेड़-पौधों और घासों में नए फूल आते हैं और हवा में उनके बारीक कण (परागकण या पोलन) बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। सालभर रहने वाली एलर्जी (Perennial Allergy) एलर्जी किसी भी मौसम को देखकर नहीं आती, बल्कि साल के 12 महीने आपको कभी भी परेशान कर सकती है। इसकी वजह वो चीजें हैं जो हमेशा हमारे आस-पास ही मौजूद रहती हैं, जैसे, घर में जमी धूल-मिट्टी, कॉकरोच, या फिर फालतू जानवरों (कुत्ते-बिल्ली) के बारीक बाल और रूसी।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।