27 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Monsoon Health Tips: मानसून में पिंक आई इंफेक्शन हो जाए तो डॉक्टर के पास कब जाएं, Mayo Clinic के अनुसार

Monsoon Eye Care : मानसून में आंख आना या पिंक आई होना एक आम समस्या है लेकिन इसको हर बार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए, मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से समझते हैं कि ये क्या होता है और कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Nidhi Yadav

•

Jun 19, 2026

pink eye symptoms when to see a doctor, monsoon eye infection conjunctivitis, mayo clinic pink eye guidelines,

पिंक आई इंफेक्शन की प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Monsoon Health Eye Care: मानसून का मौसम आते ही गर्मी से तो राहत मिल जाती है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया और वायरस का खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि बरसात के दिनों में आंखों का एक इंफेक्शन बहुत तेजी से फैलता है, जिसे हम पिंक आई या कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) कहते हैं। आइए मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) की रिसर्च से जानते हैं कि पिंक आई के लक्षण क्या होते हैं और कब आपको बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

क्या होती है पिंक आई?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, कंजंक्टिवाइटिस (आंखों की सूजन) आंखों में होने वाली सूजन है। हमारी आंख के सफेद हिस्से और पलकों के अंदरूनी हिस्से में एक बेहद पतली, पारदर्शी झिल्ली होती है, जिसे कंजंक्टिवा (Conjunctiva) कहते हैं। जब इसमें किसी वायरस, बैक्टीरिया या एलर्जी की वजह से सूजन या इंफेक्शन हो जाता है, तो वहां मौजूद छोटी-छोटी रक्त वाहिकाएं सूज जाती हैं। इस वजह से आंखें लाल या गुलाबी दिखाई देने लगती हैं। इसके साथ ही आंखों में खुजली, पानी आना और चुभन जैसी परेशानियां होने लगती हैं।

कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण क्या होते हैं?

  • आंखें लाल होना।
  • आंखों में लगातार चुभन होना।
  • आंखों से पानी आना।
  • आंखों से लगातार आंसू आना।
  • रोशनी से चुभन होना (फोटोफोबिया)।

कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास?

मेयो क्लिनिक के विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आपको पिंक आई के साथ नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें;

  • आंकों में तेज दर्द होना।
  • धुंधला दिखाई देना।
  • रोशनी से परेशानी होना।
  • आंख में कुछ फंसे होने का अहसास बार-बार होना।

कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को खास सावधानी की जरुरत

अगर आप आंखों में कॉन्टैक्ट लेंस लगाते हैं और आपको पिंक आई के लक्षण दिखाई देते हैं, तो मेयो क्लिनिक की सलाह है कि तुरंत लेंस पहनना बंद कर दें। लेंस हटाने के बाद भी अगर आपके लक्षणों में 12 से 24 घंटों के भीतर सुधार नहीं होता है, तो अपने आई स्पेशलिस्ट (Eye Doctor) से तुरंत अपॉइंटमेंट लें। कॉन्टैक्ट लेंस की वजह से आंखों में ज्यादा गंभीर और गहरा इंफेक्शन होने का खतरा रहता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।