
Heart Patient Tips: दिल की बीमारी का पता चलने के बाद कई लोगों के मन में एक ही सवाल आता है अब आगे क्या? क्या पहले की तरह जिंदगी जी सकते हैं? क्या खाने-पीने पर बहुत ज्यादा रोक लग जाएगी? क्या रोजमर्रा की आदतों में बदलाव जरूरी है? हार्ट डिजीज होने का मतलब यह नहीं है कि आप सामान्य जीवन नहीं जी सकते। बल्कि सही खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और कुछ जरूरी सावधानियों की मदद से दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA), मेयो क्लिनिक के अनुसार दिल की बीमारी के मरीजों के लिए रोज की छोटी-छोटी आदतें भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं।
कई लोग दिल की बीमारी का नाम सुनते ही डर के मारे चलना-फिरना या शारीरिक गतिविधियां बंद कर देते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह एक बड़ी भूल है। आपके दिल की मांसपेशियों को मजबूत रहने के लिए थोड़ी हरकत की जरूरत होती है। यदि आप पहले एक्सरसाइज नहीं करते थे, तो रोज सुबह या शाम 20 से 30 मिनट की हल्की सैर (Brisk Walk) से शुरुआत करें।बिना डॉक्टरी सलाह के अचानक जिम जाना, भारी वजन उठाना या बहुत थका देने वाली एक्सरसाइज शुरू न करें।
हार्ट केयर में डाइट सबसे अहम भूमिका निभाती है। आपको भूखा रहने की या बेस्वाद खाना खाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बस सही चीजें चुनना सीखना है। अपनी थाली को रंग-बिरंगा बनाएं। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज (जैसे ओट्स, दलिया) और दालों को प्राथमिकता दें। मुट्ठी भर बादाम और अखरोट भी दिल के लिए बेहतरीन माने जाते हैं। पैकेटबंद (प्रोसेस्ड) फूड, समोसे-कचौड़ी जैसे डीप-फ्राइड स्नैक्स और बेकरी प्रोडक्ट्स से जितना हो सके परहेज करें। खाने में ऊपर से नमक डालने की आदत को आज ही छोड़ दें।
अक्सर देखा जाता है कि कुछ महीने दवा खाने के बाद जब मरीज बेहतर महसूस करने लगते हैं, तो वे खुद ही दवाइयां बंद कर देते हैं या खुराक कम कर देते हैं। दिल के मामले में यह लापरवाही बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। ये दवाएं आपके दिल को एक सुरक्षा कवच देती हैं, इसलिए बिना अपने डॉक्टर से पूछे एक भी दिन की खुराक मिस न करें।
हार्ट पेशेंट्स के लिए अपने शरीर के कुछ जरूरी स्तरों को नियंत्रित रखना लाइफ-सेविंग साबित होता है। आपको नियमित अंतराल पर अपने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर (डायबिटीज) और कोलेस्ट्रॉल की जांच करानी चाहिए। अगर ये तीनों नियंत्रण में रहेंगे, तो दिल पर एक्स्ट्रा दबाव नहीं पड़ेगा।
अगर आप धूम्रपान (स्मोकिंग) करते हैं या किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं, तो इसे छोड़ना आपके दिल के लिए सबसे बड़ा तोहफा होगा। 'सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (CDC) के अनुसार, तंबाकू में मौजूद टॉक्सिन्स धमनियों को सिकोड़ देते हैं। स्मोकिंग छोड़ने के कुछ ही दिनों के भीतर हार्ट हेल्थ में चमत्कारी सुधार दिखने लगता है।
लगातार बना रहने वाला मानसिक तनाव और कम नींद सीधे तौर पर आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ाते हैं, जिसका सीधा असर दिल पर पड़ता है। हर रात 7 से 9 घंटे की गहरी नींद जरूर लें। तनाव को कम करने के लिए रोज 10 मिनट ध्यान (Meditation) करें, गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाएं या वो काम करें जिससे आपको खुशी मिलती है।
लक्षणों को न छुपाएं- यदि कभी भी छाती में भारीपन, सांस फूलना, जबड़े या बाएं हाथ में दर्द, या अचानक बहुत ज्यादा पसीना आए, तो उसे गैस की समस्या मानकर बैठने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सिटिंग लाइफस्टाइल से बचें- यदि आपका काम लगातार बैठकर करने का है, तो हर एक घंटे में 5 मिनट का ब्रेक लें और थोड़ा टहलें।
अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें- इंटरनेट पर पढ़कर या किसी के कहने पर अपनी मर्जी से कोई सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खा आजमाना शुरू न करें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।