स्वास्थ्य

Thyroid and Blood Pressure: बार-बार बढ़ रहा है ब्लड प्रेशर? डॉक्टर ने बताया- थायरॉयड का हो सकता है संकेत

High Blood Pressure and Thyroid Connection: क्या आपका ब्लड प्रेशर बार-बार बढ़ रहा है? डॉक्टर बाबूलाल वर्मा ने बताया कि हाइपोथायरॉयडिज्म भी हाई BP और दिल की बीमारियों की वजह बन सकता है।
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May 21, 2026
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थायरॉयड और हाई ब्लड प्रेशर के बीच संबंध को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- chatgtp)

High Blood Pressure Causes: आजकल हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बहुत आम हो गई है। लोग इसे तनाव, खराब खानपान, मोटापा या कम एक्सरसाइज से जोड़कर देखते हैं। लेकिन डॉक्टर अब चेतावनी दे रहे हैं कि कई बार बार-बार बढ़ता ब्लड प्रेशर किसी छिपी हुई थायरॉयड बीमारी का संकेत भी हो सकता है।

हाइपोथायरॉयडिज्म यानी शरीर में थायरॉयड हार्मोन की कमी हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है। कई लोगों को सालों तक इसका पता ही नहीं चलता क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं।

क्या होता है Hypothyroidism?

थायरॉयड गर्दन के सामने मौजूद एक छोटी तितली जैसी ग्रंथि होती है। यह शरीर की ऊर्जा, हार्ट रेट, मेटाबॉलिज्म और ब्लड सर्कुलेशन को कंट्रोल करती है। जब यह ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाती, तो शरीर की कई प्रक्रियाएं धीमी पड़ने लगती हैं। इस स्थिति को हाइपोथायरॉयडिज्म कहा जाता है।

शरीर दे सकता है ये संकेत

कई लोग इन लक्षणों को सामान्य थकान या उम्र बढ़ने का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं:

  • हर समय थकान महसूस होना
  • बिना वजह वजन बढ़ना
  • त्वचा का सूखना
  • बाल झड़ना या पतले होना
  • कब्ज की समस्या
  • ज्यादा ठंड लगना
  • सुस्ती और कमजोरी
  • दिल की धड़कन धीमी होना
  • चेहरे या शरीर में सूजन

अगर हाई ब्लड प्रेशर के साथ ये लक्षण भी दिख रहे हैं, तो थायरॉयड टेस्ट करवाना जरूरी हो सकता है।

कैसे बढ़ता है ब्लड प्रेशर?

डॉ. बाबूलाल वर्मा (MD, फिजिशियन उपजिला अस्पताल) के अनुसार, थायरॉयड हार्मोन की कमी का सीधा असर दिल और रक्त वाहिकाओं पर पड़ता है। इससे नसें सख्त होने लगती हैं और खून का प्रवाह प्रभावित होता है। साथ ही दिल धीरे काम करने लगता है, जिससे शरीर को ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

यही वजह धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर बढ़ाने लगती है। थायरॉयड की समस्या दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर दोनों को प्रभावित कर सकती है। अगर समय पर इलाज शुरू हो जाए तो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

क्यों देर से पकड़ में आती है बीमारी?

हाइपोथायरॉयडिज्म के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं। कई लोग सालों तक थकान, वजन बढ़ना और कमजोरी को लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या समझते रहते हैं। इसी कारण बीमारी समय पर पकड़ में नहीं आती। डॉक्टर बाबूलाल वर्मा बताते हैं कि जिन लोगों का ब्लड प्रेशर दवाइयों के बावजूद कंट्रोल नहीं हो रहा, उन्हें थायरॉयड जांच जरूर करवानी चाहिए।

इलाज और बचाव कैसे करें?

सही समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए तो ब्लड प्रेशर और दिल की सेहत दोनों को बेहतर किया जा सकता है। इलाज में थायरॉयड हार्मोन की दवाइयां, हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और समय-समय पर जांच शामिल होती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर आपका ब्लड प्रेशर बार-बार बढ़ रहा है और साथ में थकान, वजन बढ़ना या ज्यादा ठंड लगने जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते जांच और इलाज गंभीर हार्ट समस्याओं के खतरे को कम कर सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
21 May 2026 03:04 pm
Published on:
21 May 2026 03:04 pm