
Horner Syndrome Symptoms: जब भी अंदर कोई बड़ी गड़बड़ी होती है, तो हमारा शरीर बाहर कुछ न कुछ लक्षण दिखाकर हमें सावधान करने की कोशिश करता है। क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट कहती है कि अगर अचानक आपकी किसी एक आंख की पलक नीचे की तरफ लटकने लगे, या फिर आपके चेहरे के एक हिस्से में पसीना आना सामान्य से बहुत कम या बिल्कुल बंद हो जाए, तो इसे हॉर्नर सिंड्रोम (Horner Syndrome) के संकेत माना जाता है।
हॉर्नर सिंड्रोम खुद में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह इस बात का एक बड़ा और साफ इशारा है कि शरीर के अंदर कोई गंभीर बीमारी पनप रही है या फिर आपके दिमाग से चेहरे तक आने वाली नसों में कोई बड़ी रुकावट आ गई है।
हमारे दिमाग से लेकर आंखों और चेहरे तक नसों का एक पूरा रास्ता बना होता है। यह नसें हमारे चेहरे के कई कामों को संभालती हैं, जिन पर हमारा खुद का कोई कंट्रोल नहीं होता, जैसे कि आंख की पुतली का छोटा-बड़ा होना, पलकों का उठना और चेहरे पर पसीना आना। जब इस रास्ते की नसें किसी चोट, बीमारी या दबाव के कारण काम करना बंद कर देती हैं, तब हॉर्नर सिंड्रोम की समस्या खड़ी होती है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसका असर हमेशा चेहरे के किसी एक ही तरफ (या तो दाईं ओर या बाईं ओर) दिखाई देता है।
मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर किसी को यह समस्या होती है, तो उसके चेहरे पर तीन बड़े बदलाव साफ-साफ दिखने लगते हैं;
अगर आपको अपनी आंख या चेहरे में ऐसा कोई भी बदलाव दिखे, तो बिना देर किए न्यूरोलॉजिस्ट (नसों के डॉक्टर) या आंखों के डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसके अलावा, अगर पलक झुकने और पसीना न आने के साथ-साथ अचानक तेज सिरदर्द हो, गर्दन में भयानक दर्द उठे, चक्कर आने लगें, या फिर बोलने में लड़खड़ाहट होने लगे, तो इसे बहुत बड़ी इमरजेंसी मानकर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।