
Ichthyosis Vulgaris Cause: बदलते मौसम में त्वचा का सूखा (ड्राय) होना बहुत आम बात है। हममें से ज्यादातर लोग बॉडी लोशन या मॉइस्चराइजर लगाकर इसे टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर बार त्वचा का बहुत ज्यादा सूखा होना, फटना या मछली के तराजू (स्केल्स) जैसी पपड़ी निकलना सिर्फ मामूली ड्राई स्किन नहीं होता?
क्लीवलैंड क्लिनिक और राष्ट्रीय गठिया, मस्कुलोस्केलेटल (पेशीकंकाली) और त्वचा रोग संस्थान (National Institute of Arthritis and Musculoskeletal and Skin Diseases) के मुताबिक, यह इक्थियोसिस वल्गेरिस (Ichthyosis Vulgaris) नाम की एक स्किन की बीमारी हो सकती है। इसे फिश स्केल डिजीज भी कहा जाता है क्योंकि इसमें त्वचा बिल्कुल मछली की खाल जैसी पपड़ीदार दिखने लगती है। आइए जानते हैं कि यह बीमारी क्या है और सामान्य ड्राई स्किन से कैसे अलग है।
हमारे शरीर की त्वचा (स्किन) लगातार नई कोशिकाएं बनाती है और पुरानी मृत कोशिकाओं (डेड स्किन) को खुद-ब-खुद झाड़कर साफ करती रहती है। लेकिन इक्थियोसिस वल्गेरिस बीमारी में यह सिस्टम धीमा पड़ जाता है। इस वजह से पुरानी और डेड स्किन शरीर से अलग नहीं हो पाती और वह त्वचा की ऊपरी सतह पर ही जमा होने लगती है। यही जमा हुई स्किन धीरे-धीरे मोटी पपड़ी का रूप ले लेती है।
1. सामान्य ड्राई स्किन- यह मौसम बदलने या साबुन की वजह से होती है। लोशन या तेल लगाने से त्वचा वापस पूरी तरह ठीक और सॉफ्ट हो जाती है।
2. इक्थियोसिस वल्गेरिस- इसमें मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी त्वचा का रूखापन खत्म नहीं होता। त्वचा पर सफेद, भूरे या गहरे रंग की मोटी पपड़ियां बन जाती हैं, जो देखने में किसी मछली की त्वचा या सूखी और फटी हुई मिट्टी जैसी लगती हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।