
Kidney Disease Symptoms: हम में से ज्यादातर लोग किडनी के बारे में तब सोचते हैं, जब किसी को डायलिसिस की जरूरत पड़ जाती है या डॉक्टर किडनी फेल होने की बात करते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि किडनी की बीमारी अक्सर बहुत धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें थकान, उम्र या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
अमेरिका की Mayo Clinic, ब्रिटेन की NHS और National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) के अनुसार क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है। समय पर इलाज शुरू हो जाए तो बीमारी की रफ्तार को धीमा किया जा सकता है।
अगर बिना ज्यादा मेहनत किए भी लगातार थकान रहती है, तो इसे सिर्फ काम का तनाव समझकर नजरअंदाज न करें। किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिससे कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।
किडनी शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी बाहर निकालती है। जब यह काम ठीक से नहीं हो पाता, तो पैरों, टखनों, हाथों या चेहरे पर सूजन दिखाई दे सकती है।
खासतौर पर रात में कई बार उठकर पेशाब जाना किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।
अगर पेशाब में बार-बार ज्यादा झाग दिखाई देता है, तो यह पेशाब में प्रोटीन जाने का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञ इसे किडनी की बीमारी का एक महत्वपूर्ण संकेत मानते हैं।
पेशाब में गुलाबी, लाल या भूरे रंग का बदलाव कभी भी सामान्य नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
जब किडनी खून को ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती, तो शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं। इससे त्वचा में खुजली या रूखापन बढ़ सकता है।
किडनी की बीमारी बढ़ने पर कई लोगों को खाने की इच्छा कम होने लगती है। इसके कारण वजन भी कम हो सकता है।
इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलन के कारण बार-बार मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन महसूस हो सकती है।
शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने या एनीमिया विकसित होने पर सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।
किडनी की खराब कार्यक्षमता के कारण शरीर में विषैले पदार्थ बढ़ सकते हैं, जिससे एकाग्रता में कमी, चक्कर या मानसिक थकान महसूस हो सकती है।
डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द निवारक दवाओं का अधिक उपयोग न करें।
NIDDK के अनुसार क्रॉनिक किडनी डिजीज अक्सर शुरुआती चरणों में बिना स्पष्ट लक्षणों के बढ़ती है। NHS बताती है कि कई लोगों को बीमारी का पता तब चलता है जब किडनी काफी प्रभावित हो चुकी होती है। वहीं Mayo Clinic के अनुसार थकान, सूजन, पेशाब में बदलाव, मांसपेशियों में ऐंठन और सांस फूलना किडनी रोग के प्रमुख संकेतों में शामिल हो सकते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।