
Chronic Kidney Disease Symptoms: जब किडनी की बीमारी की बात होती है, तो ज्यादातर लोगों के मन में पेशाब, सूजन या कमर दर्द जैसे लक्षण आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार किडनी से जुड़ी समस्या के शुरुआती संकेत आपकी त्वचा पर भी दिखाई दे सकते हैं? किडनी का काम शरीर से अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। जब किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती, तो शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिसका असर त्वचा पर भी दिख सकता है।
मेयो क्लिनिक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीजेज (NIDDK) और अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) के अनुसार, कुछ स्किन बदलाव क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से जुड़े हो सकते हैं।
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के पूरे शरीर में खुजली बनी रहती है, तो यह किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है। AAD के अनुसार, किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं, जिससे त्वचा में खुजली की समस्या बढ़ सकती है।
किडनी रोग वाले कई लोगों में त्वचा असामान्य रूप से रूखी और बेजान हो सकती है। मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी राहत कम मिल सकती है।
NIDDK के अनुसार, कुछ मरीजों की त्वचा सामान्य से ज्यादा पीली, धूसर (Grayish) या मटमैली दिखाई देने लगती है। यह शरीर में अपशिष्ट पदार्थों के जमा होने और एनीमिया जैसी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।
कुछ मामलों में लंबे समय से किडनी की बीमारी होने पर त्वचा पर छोटे उभरे हुए दाने या असामान्य बदलाव दिखाई दे सकते हैं।
हालांकि यह केवल त्वचा का लक्षण नहीं है, लेकिन त्वचा पर दिखने वाली सूजन किडनी की खराब कार्यक्षमता का संकेत हो सकती है। विशेष रूप से आंखों के आसपास सुबह-सुबह सूजन दिखाई देना महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।
खुजली, सूखी त्वचा या रंग बदलना कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। इसलिए केवल स्किन बदलाव देखकर किडनी रोग की पुष्टि नहीं की जा सकती। लेकिन यदि इन लक्षणों के साथ थकान, पैरों में सूजन, भूख कम लगना, पेशाब में बदलाव या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Mayo Clinic के अनुसार, क्रॉनिक किडनी डिजीज के कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं:
यदि त्वचा में लगातार बदलाव दिखाई दे रहे हैं और साथ में ऊपर बताए गए अन्य लक्षण भी मौजूद हैं, तो डॉक्टर किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिन टेस्ट और अन्य जांचों की सलाह दे सकते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।