
Signs of kidney Damage: हमारी किडनी शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है। इसका काम खून को साफ करना, शरीर से फालतू पानी और जहरीले तत्वों को पेशाब के जरिए बाहर निकालना होता है। लेकिन दिक्कत यह है कि किडनी जब खराब होने लगती है, तो शुरुआत में इसका पता आसानी से नहीं चलता। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) और एनसीबीआइ के अनुसार, जब किडनी काम करना लगभग बंद करने वाली होती है (यानी किडनी फेलियर की तरफ बढ़ती है), तो शरीर में कुछ ऐसे बदलाव और लक्षण दिखने लगते हैं जिन्हें हम अक्सर मामूली समझकर छोड़ देते हैं। आइए समझते हैं कि किडनी फेल होने से पहले शरीर कौन-कौन से संकेत देता है।
जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो शरीर से फालतू पानी और नमक बाहर नहीं निकल पाता। यह पानी शरीर में जमा होने लगता है, जिससे पैरों, टखनों (Ankles), हाथों और आंखों के नीचे सूजन दिखने लगती है।
बिना ज्यादा मेहनत किए या थोड़ा सा चलने पर ही अगर आपकी सांस फूलने लगती है, तो इसकी दो वजहें हो सकती हैं—एक तो शरीर में जमा फालतू पानी फेफड़ों तक पहुंच जाता है, और दूसरा किडनी खराब होने से खून की कमी (एनीमिया) हो जाती है।
किडनी खराब होने से खून में जहरीले पदार्थ (Toxins) जमा होने लगते हैं। इसकी वजह से आपको दिनभर सुस्ती, कमजोरी और चक्कर आने जैसा महसूस होता है। थोड़ा सा काम करने पर ही शरीर पूरी तरह निढाल हो जाता है।
जब खून में गंदगी जमा होने लगती है, तो पेट हर वक्त खराब महसूस होता है। सुबह-सुबह जी मिचलाना, उल्टी आने जैसा लगना और खाना देखने का भी मन न करना यह किडनी की बीमारी का बड़ा लक्षण है।
किडनी खून में मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स का बैलेंस बनाए रखती है। जब यह बैलेंस बिगड़ता है, तो स्किन बहुत ज्यादा सूखी हो जाती है और पूरे शरीर में ऐसी खुजली होती है जो कोई भी क्रीम लगाने से ठीक नहीं होती।
खून में यूरिया और वेस्ट बढ़ने के कारण मुंह में हर वक्त धात्विक (Metal जैसा) स्वाद बना रहता है। खाना बेस्वाद लगता है और सांसों से बदबू आने लगती है।
दिमाग तक साफ खून न पहुंचने और शरीर में गंदगी जमा होने से नींद पूरी नहीं होती। रात भर करवटें बदलते रहते हैं और दिन में किसी भी काम में ध्यान लगाने में परेशानी होती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।