स्वास्थ्य

चलते समय घुटने आपस में टकराते हैं? समझें कहीं आप Knock Knees की समस्या के शिकार तो नहीं

Knock Knees: क्या आपके घुटने भी चलते या दौड़ते समय आपस में टकराते हैं? जानिए क्लीवलैंड क्लिनिक और एनएचएस की रिपोर्ट के अनुसार क्या है यह Knock Knees की समस्या, इसके बड़े लक्षण और क्यों टेढ़े हो जाते हैं पैर।
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Updated: 30 Jun 2026, 3:54 PM IST
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एनएचएस का कहना है कि छोटे बच्चों में एक उम्र तक नॉक नीज होना आम बात है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Knock Knees Cause: आपने अक्सर अपने आस-पास या राह चलते कुछ लोगों को देखा होगा जो जब चलते या दौड़ते हैं, तो उनके दोनों घुटने अंदर की तरफ एक-दूसरे से टकराते हैं। कई बार तो चलते-चलते पैर आपस में ऐसे उलझ जाते हैं कि वह गिरते-गिरते बचता है, इसे सिर्फ चलने का एक अजीब तरीका मानकर छोड़ देने की भूल करना गलत है।

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इसे नॉक नीज (जेनु वल्गम) कहा जाता है। एनएचएस का कहना है कि छोटे बच्चों में एक उम्र तक यह होना आम बात है, लेकिन अगर बड़े होने पर भी यह दिक्कत बनी रहे, तो आगे चलकर जोड़ों में भयंकर दर्द और चलने-फिरने में बड़ी आफत आ सकती है।

क्या होता है यह नॉक नीज?

जब हमारा शरीर बिल्कुल नॉर्मल होता है, तो सीधे खड़े होने पर हमारे घुटने और नीचे के पैर एक सीध में होते हैं। लेकिन नॉक नीज की दिक्कत में पैर सीधे रहने के बजाय अंदर की तरफ झुक जाते हैं। जब इस समस्या से परेशान कोई भी व्यक्ति दोनों पैरों को सटाकर सीधा खड़ा होने की कोशिश करता है, तो उसके घुटने तो आपस में पूरी तरह जुड़ जाते हैं, लेकिन नीचे टखनों (Ankles) के बीच में 3 इंच या उससे ज्यादा का बड़ा गैप बन जाता है। इसी टेढ़ी बनावट के कारण जब इंसान कदम आगे बढ़ाता है, तो घुटने आपस में बार-बार टकराने या लड़ने लगते हैं।

इसको पहचानने के बड़े लक्षण क्या हैं?

  • चलने-दौड़ने में लंगड़ाहट होना।
  • घुटनों और जोड़ों में हमेशा दर्द रहना।
  • एक तरफ का जूता ज्यादा घिसना।
  • पैर सीधे करने में दर्द होना।

क्यों हो जाते हैं पैर ऐसे टेढ़े?

छोटे बच्चों में (2 से 4 साल की उम्र तक) घुटनों का थोड़ा अंदर झुका होना बिल्कुल नॉर्मल है, क्योंकि बड़े होने के साथ उनके पैर अपने आप सीधे हो जाते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बड़ों में बनी हुई है, तो इसकी कुछ मुख्य वजहें हो सकती हैं;

इसका इलाज क्या है और डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर किसी बड़े इंसान को चलते समय घुटनों में तेज दर्द हो रहा हो या चलने-फिरने में बैलेंस बनाने में दिक्कत आ रही हो, तो तुरंत हड्डियों के डॉक्टर (आर्थोपेडिक) को दिखाना चाहिए। डॉक्टर एक्स-रे करके पैरों की हड्डियों का सही एंगल चेक करते हैं। जहां तक इलाज की बात है, बच्चों में तो इसे सही खान-पान, जरूरी दवाओं और पैर में पहनने वाले खास ब्रेसिस (सपोर्ट) की मदद से ठीक किया जा सकता है। बड़ों के मामले में पैरों की इस बनावट को मामूली समझकर टालें नहीं, समय पर डॉक्टर को दिखाएं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
30 Jun 2026, 3:54 PM IST
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