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तेज धड़कन और तेजी से घटता वजन? सिर्फ थायरॉयड नहीं, Graves Disease भी हो सकती है वजह, NIDDK और मेयो क्लिनिक स्टडी

Graves Disease: दिल की तेज धड़कन, तेजी से घटता वजन और घबराहट सिर्फ थायरॉयड नहीं, Graves Disease के संकेत भी हो सकते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) और मेयो क्लिनिक से जानिए इसके लक्षण और किन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jun 30, 2026

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दिल की तेज धड़कन, तेजी से घटता वजन और घबराहट सिर्फ थायरॉयड नहीं, Graves Disease के संकेत भी हो सकते हैं। - प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Graves Disease Cause: आपका वजन तेजी से घट रहा है, दिल की धड़कन तेज रहती है, बार-बार घबराहट होती है, तो इसे सिर्फ तनाव या थायरॉयड की समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) और मेयो क्लिनिक के अनुसार, ये ग्रेव्स डिजीज के संकेत भी हो सकते हैं। यह एक ऐसी ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम थायरॉयड ग्रंथि पर हमला कर देता है। इससे थायरॉयड जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगता है।

क्या होती है Graves Disease?

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार, ग्रेव्स डिजीज हाइपरथायरॉयडिज्म (Hyperthyroidism) का सबसे आम कारण है। इसमें थायरॉयड ग्रंथि ज्यादा सक्रिय हो जाती है। इसका असर शरीर के कई अंगों पर पड़ता है, क्योंकि थायरॉयड हार्मोन शरीर की ऊर्जा, दिल की धड़कन और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है।

किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

मेयो क्लिनिक के मुताबिक, ग्रेव्स डिजीज होने पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

किन लोगों में खतरा ज्यादा होता है?

यह बीमारी महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा देखी जाती है। जिन लोगों के परिवार में थायरॉयड या ऑटोइम्यून बीमारी का इतिहास हो, उनमें इसका खतरा बढ़ सकता है। धूम्रपान करने वालों में आंखों से जुड़ी जटिलताएं होने की आशंका भी अधिक रहती है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर लंबे समय से दिल की धड़कन तेज रहती है, बिना डाइटिंग के वजन कम हो रहा है, बार-बार घबराहट होती है या आंखों में बदलाव महसूस हो रहे हैं, तो खुद इलाज करने की बजाय डॉक्टर से जांच कराएं। समय पर इलाज शुरू होने से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।