स्वास्थ्य

Left-side Heart Failure क्या होता है? मेयो क्लिनिक से जानें इसके 10 शुरूआती संकेत

Left-side Heart Failure Cause: लेफ्ट साइड हार्ट फेलियर के दौरान क्या होता है? आइए मेयो क्लिनिक से जानते हैं इसके 10 शुरूआती लक्षण और साथ ही इसके कारण क्या-क्या हैं।
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Aug 01, 2026
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हमारे दिल के दो हिस्सों में से बायां हिस्सा (Left Side) सबसे ज्यादा काम करता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Left-side Heart Failure Symptoms: जब कोई कहता है कि हार्ट फेल हो गया, तो हम डर जाते हैं कि शायद दिल की धड़कन पूरी तरह रुक गई है। लेकिन असल में ऐसा नहीं है। इसका मतलब है कि दिल थोड़ा थक गया है या कमजोर पड़ गया है और शरीर को जितने खून और ऑक्सीजन की जरूरत है, उतना पंप नहीं कर पा रहा है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हमारे दिल के दो हिस्से होते हैं। इसमें से बायां हिस्सा (Left Side) सबसे ज्यादा काम करता है यह फेफड़ों से साफ खून लेकर पूरे शरीर तक पहुंचाता है। जब यही बायां हिस्सा सुस्त या कमजोर पड़ जाता है, तो इसे हम लेफ्ट साइड हार्ट फेलियर कहते हैं। आइए जानते हैं कि इसके शुरुआती संकेत क्या हैं?

लेफ्ट साइड हार्ट फेलियर के शुरूआती लक्षण?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, जब दिल का बायां हिस्सा सही से पंप नहीं कर पाता, तो खून वापस फेफड़ों की तरफ दबाव बनाने लगता है और शरीर में पानी जमा होने लगता है। इसी वजह से ये 10 बदलाव दिखने लगते हैं;

  • जरा सा चलने में ही सांस फूलना
  • बिस्तर पर सीधे लेटते ही घबराहट।
  • रात को अचानक नींद खुलना।
  • ऐसी खांसी जो पीछा ही न छोड़े।
  • पैरों और टखनों में सूजन।
  • 2-3 दिन में अचानक वजन बढ़ जाना।
  • दिनभर सुस्ती और भारी थकान।
  • दिल का धक-धक करना (तेज धड़कन)।
  • खाने का मन न करना या जी मिचलाना।
  • चक्कर आना या बात भूलना।

ऐसा होता क्यों है?

  • हाई ब्लड प्रेशर (High BP)।
  • पुराना हार्ट अटैक।
  • शुगर और मोटापा।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

  • सीने में बहुत तेज दर्द या जकड़न महसूस होना।
  • अचानक सांस इतनी उखड़ जाना कि बोलना भी मुश्किल हो जाए।
  • खांसी में गुलाबी झाग या खून की बूंदें आना।
  • अचानक चक्कर आकर गिर जाना या बेहोश होना।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
01 Aug 2026 09:05 am
Published on:
01 Aug 2026 09:04 am