
गर्दन और गले में बार-बार दर्द किस कारण से होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Eagle Syndrome Hindi: गर्दन में दर्द होना या निगलते समय गले में चुभन महसूस होना एक आम समस्या लगती है। अक्सर लोग इसे टॉन्सिल, सर्वाइकल या गले में खराश समझकर टाल देते हैं। लेकिन अगर यह दर्द लगातार बना रहे, गर्दन घुमाने या चबाने पर कानों और जबड़ों तक फैलने लगे, तो यह एक दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति का संकेत हो सकता है जिसे ईगल सिंड्रोम (Eagle Syndrome) कहा जाता है। यूरोपियन स्ट्रोक ऑर्गनाइजेशन (ESO) की रिपोर्टों के अनुसार, ईगल सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिसका अक्सर समय पर निदान (Diagnose) नहीं हो पाता क्योंकि इसके लक्षण कई अन्य आम बीमारियों से मिलते-जुलते होते हैं। आइए बिल्कुल सरल और आम बोलचाल की भाषा में समझते हैं कि ईगल सिंड्रोम क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और यह क्यों होता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, हमारे कान के ठीक नीचे और गर्दन के ऊपरी हिस्से में एक छोटी सी नुकीली हड्डी होती है, जिसे स्टाइलॉयड प्रोसेस (Styloid Process) कहा जाता है। इसके अलावा, इससे जुड़ी एक मांसपेशीय पट्टी (Ligament) होती है जिसे 'स्टाइलोहाइओइड लिगामेंट' कहते हैं। जब किसी कारण से यह स्टाइलॉयड प्रोसेस हड्डी सामान्य से अधिक लंबी हो जाती है, या इससे जुड़ा लिगामेंट सख्त (कैल्सीफाइड) होकर हड्डी जैसा कठोर बन जाता है, तो यह आसपास की संवेदनशील नसों (Nerves) और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) पर दबाव डालने लगती है। इसी दबाव और चुभन के कारण गर्दन, गले और सिर में दर्द शुरू हो जाता है, जिसे ईगल सिंड्रोम कहते हैं।
ईगल सिंड्रोम के लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं और अलग-अलग व्यक्तियों में अलग हो सकते हैं। मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं;
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, स्टाइलॉयड प्रोसेस हड्डी के बड़े होने या लिगामेंट के कठोर होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं;
क्योंकि यह बीमारी बहुत आम नहीं है, इसलिए डॉक्टर सबसे पहले सीटी स्कैन (CT Scan) या 3D सीटी स्कैन के जरिए यह देखते हैं कि स्टाइलॉयड हड्डी कितनी लंबी हो गई है। यदि दर्द कम है, तो डॉक्टर दर्द निवारक दवाएं (Painkillers), नसों के दर्द को कम करने वाली दवाएं (Steroid Injections) और हल्की फिजियोथेरेपी की सलाह देते हैं। यदि दवाओं से राहत नहीं मिलती और हड्डी नसों को ज्यादा दबा रही है, तो सर्जन मुंह के जरिए या गर्दन के बाहर से एक छोटा ऑपरेशन करके बड़ी हुई हड्डी के हिस्से को काटकर छोटा कर देते हैं। इस सर्जरी के बाद मरीज को दर्द से स्थायी राहत मिल जाती है।
अगर आपके गले या गर्दन में लंबे समय से दर्द है जो कानों या जबड़ों तक जा रहा है और एंटीबायोटिक या सामान्य दवाओं से ठीक नहीं हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी ईएनटी विशेषज्ञ (ENT Specialist) या न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें ताकि सही जांच के जरिए सही वजह का पता लगाया जा सके।
Updated on:
23 Sept 2026 02:52 pm
Published on:
23 Sept 2026 02:52 pm
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