
Frozen Shoulder in Women: 40 से 60 साल की उम्र के बीच कई महिलाओं को कंधे में दर्द, जकड़न और हाथ ऊपर उठाने में परेशानी होने लगती है। अक्सर इसे बढ़ती उम्र, गलत सोने की स्थिति या सामान्य मांसपेशियों की समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह समस्या फ्रोजन शोल्डर (Frozen Shoulder) भी हो सकती है, जिसका संबंध महिलाओं में होने वाले हार्मोनल बदलावों और मेनोपॉज के आसपास के समय से जुड़ा हो सकता है।
PubMed में प्रकाशित कई अध्ययनों, NHS UK और American Academy of Orthopaedic Surgeons (AAOS) के अनुसार, फ्रोजन शोल्डर महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक देखा जाता है और यह खासकर 40 से 60 वर्ष की उम्र के बीच ज्यादा पाया जाता है। यही वह समय होता है जब कई महिलाएं पेरिमेनोपॉज (मेनोपॉज से पहले का चरण) या मेनोपॉज से गुजर रही होती हैं।
फ्रोजन शोल्डर, जिसे Adhesive Capsulitis भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें कंधे के जोड़ के आसपास का ऊतक मोटा और सख्त हो जाता है। इससे कंधे में दर्द और जकड़न बढ़ जाती है और धीरे-धीरे हाथ को घुमाना या ऊपर उठाना मुश्किल हो जाता है। यह समस्या आमतौर पर धीरे-धीरे शुरू होती है और कई महीनों या वर्षों तक बनी रह सकती है।
हाल के कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन शरीर के जोड़ों, लिगामेंट्स और कनेक्टिव टिश्यू को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर कम होने लगता है। यही बदलाव कुछ महिलाओं में कंधे के ऊतकों में सूजन, कठोरता और गतिशीलता की कमी का कारण बन सकता है। हालांकि वैज्ञानिक अभी इस संबंध पर और शोध कर रहे हैं, लेकिन कई अध्ययनों में मेनोपॉज और फ्रोजन शोल्डर के बीच संभावित लिंक देखने को मिला है।
कई महिलाओं को शुरुआत में सिर्फ हल्का दर्द महसूस होता है, लेकिन समय के साथ जकड़न बढ़ने लगती है।
NHS के अनुसार कुछ स्थितियां फ्रोजन शोल्डर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं:
डायबिटीज से पीड़ित लोगों में यह समस्या सामान्य आबादी की तुलना में अधिक देखी जाती है।
अच्छी बात यह है कि अधिकांश मामलों में फ्रोजन शोल्डर का इलाज संभव है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।