स्वास्थ्य

Morning Dizziness Causes: सुबह उठते ही चक्कर आना सामान्य नहीं, WebMD और Healthline ने बताए इसके 7 बड़े कारण

Morning Dizziness: क्या आपको भी सुबह उठते ही सिर चकराने या चक्कर आने की समस्या होती है? वेबएमडी और हेल्थलाइन के अनुसार यह डिहाइड्रेशन, बीपी या हॉर्मोनल बदलाव का संकेत हो सकता है। जानें इसके 7 बड़े कारण और बचाव के उपाय।
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Aug 03, 2026
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सुबह उठते ही चक्कर आने की एक बड़ी वजह शरीर में पानी की कमी भी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Morning Dizziness Prevention: क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि सुबह जैसे ही आपकी आंख खुली या आप बिस्तर से उठकर खड़े हुए, तो अचानक पूरा कमरा घूमता हुआ महसूस हुआ? सुबह-सुबह चक्कर आना कभी-कभी तो सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह रोज की बात बन जाए तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। हेल्थलाइन के अनुसार, सुबह उठते ही चक्कर आने की एक बड़ी वजह शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है। जैसे कि अगर आपने रात को सोने से पहले शराब पी है, तो सुबह उठते-उठते शरीर में पानी का लेवल बहुत गिर जाता है और सिर चकराने लगता है। आइए जानते हैं कि इसके पीछे के 7 बड़े कारण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

1. अचानक बिस्तर से उठकर खड़े होना (आर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन)

रात भर लेटने के बाद जब हम एकदम से झटके से उठकर खड़े हो जाते हैं, तो हमारे शरीर का सारा खून तेजी से पैरों की तरफ जाने लगता है। इससे कुछ सेकेंड के लिए दिमाग तक खून का बहाव थोड़ा कम हो जाता है और ब्लड प्रेशर अचानक गिर जाता है। इसी वजह से आंख खुलते ही या अचानक खड़े होते ही सिर घूमने लगता है या आंखों के आगे अंधेरा आ जाता है।

2. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)

हेल्थलाइन के अनुसार, सुबह चक्कर आने का सबसे आम और सीधा कारण है डिहाइड्रेशन। हम रात में लगभग 7 से 8 घंटे सोते हैं और इस दौरान पानी नहीं पीते। अगर आपने सोने से पहले भी पर्याप्त पानी नहीं पिया है, या रात में बहुत पसीना आया है, तो शरीर में तरल पदार्थों (फ्लूइड्स) की कमी हो जाती है। पानी कम होने से ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है और सुबह उठते ही सिर चकराने लगता है।

3. ब्लड शुगर का कम होना (हाइपोग्लाइसीमिया)

अगर सुबह उठते ही चक्कर आने के साथ-साथ शरीर में कपकपी, पसीना आना या घबराहट महसूस हो, तो इसका कारण ब्लड शुगर का कम होना हो सकता है। रात भर बिना कुछ खाए-पिए रहने से शरीर में ग्लूकोज का स्तर गिर जाता है। खास तौर पर डायबिटीज (शुगर) के मरीजों में, जो इंसुलिन या दवाएं लेते हैं, सुबह-सुबह शुगर का लेवल घटने का खतरा ज्यादा रहता है।

4. कान के अंदरूनी हिस्से की समस्या (वर्टीगो)

हमारे कान का अंदरूनी हिस्सा केवल सुनने का काम नहीं करता, बल्कि शरीर का बैलेंस (संतुलन) बनाए रखने में भी मदद करता है। यदि कान के अंदर कोई इन्फेक्शन हो या फिर अंदरूनी तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ जाए, तो उठते ही 'वर्टीगो' की शिकायत हो सकती है। इसमें इंसान को लगता है कि उसके आसपास का पूरा कमरा या छत तेजी से गोल-गोल घूम रही है।

5. स्लीप एप्निया (नींद के दौरान सांस रुकना)

वेबएमडी के अनुसार, स्लीप एप्निया नींद से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है जिसमें सोते समय बार-बार इंसान की सांस कुछ सेकेंड के लिए रुक जाती है। इस वजह से शरीर और दिमाग तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। ऑक्सीजन का स्तर कम होने और नींद पूरी न होने के कारण जब व्यक्ति सुबह सोकर उठता है, तो उसे भारीपन, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्या महसूस होती है।

6. दवाओं का साइड इफेक्ट

अगर आप किसी बीमारी के लिए रोज दवाएं खाते हैं, तो हो सकता है कि वही दवाएं सुबह के चक्कर की वजह हों। ब्लड प्रेशर की दवाएं, डिप्रेशन (अवसाद) की गोलियां, नींद की दवाएं या दर्द निवारक दवाएं शरीर के सिस्टम पर असर डालती हैं। रात में ली गई दवाओं का असर सुबह उठते समय सिर घूमने या सुस्ती के रूप में सामने आ सकता है।

7. दिल से जुड़ी बीमारियां (हार्ट फेलियर या अनियंत्रित बीपी)

अगर दिल सही तरीके से पूरे शरीर में खून को पंप नहीं कर पा रहा है, तो लेटने के बाद उठने पर शरीर बीपी में आने वाले बदलावों को संभाल नहीं पाता। इसके अलावा, जिन लोगों को अक्सर हाई बीपी या लो बीपी की समस्या रहती है, उन्हें भी सुबह उठते ही सिर चकराने या संतुलन बिगड़ने की शिकायत हो सकती है।

सुबह के चक्कर से बचने के लिए क्या करें?

अगर आप सुबह-सुबह इस परेशानी से बचना चाहते हैं, तो अपनी दिनचर्या में ये छोटे-छोटे बदलाव करें;

  • सुबह आंख खुलते ही झटके से न उठें।
  • सोने से पहले और उठते ही पानी पीएं।
  • रात का खाना समय पर खाएं।
  • बिना सलाह दवा बंद न करें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
03 Aug 2026 09:00 am