
Motion Sickness Symptoms: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि बस, कार या ट्रेन में बैठते ही सिर घूमने लगता है, जी मिचलाने लगता है और लगता है कि अभी उल्टी हो जाएगी? इस चक्कर में कई लोगों के सफर का पूरा मजा किरकिरा हो जाता है। हम इसे सफर की बीमारी कहते हैं और मेडिकल भाषा में इसे मोशन सिकनेस (Motion Sickness) कहा जाता है। CDC (सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) और क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, बल्कि हमारे दिमाग का एक छोटा सा कन्फ्यूजन है। आइए समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचें।
जब आप किसी चलती हुई गाड़ी या बस में बैठते हैं, तो आपके शरीर के अलग-अलग हिस्से दिमाग को अलग-अलग बातें बताते हैं। अगर आप गाड़ी के अंदर बैठे हैं, फोन चला रहे हैं या किताब पढ़ रहे हैं, तो आंखें दिमाग से कहती हैं कि हम तो आराम से एक जगह बैठे हैं, हिल नहीं रहे हैं। कान के अंदरूनी हिस्से (जो हमारे शरीर का बैलेंस बनाते हैं) गाड़ी के हिचकोलों को महसूस करते हैं और दिमाग को बताते हैं कि गाड़ी तो बहुत तेजी से चल रही है। जब आंखों का सिग्नल और कानों का सिग्नल आपस में नहीं मिलता, तो दिमाग घबरा जाता है। इसी उलझन की वजह से पेट खराब होने लगता है और उल्टी या चक्कर की नौबत आ जाती है।
1. हल्का खाना खाएं- सफर पर निकलने से 1-2 घंटे पहले बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या भारी खाना न खाएं। हल्का टोस्ट, बिस्किट या दलिया जैसा सुपाच्य भोजन ही लें।
2. खाली पेट सफर न करें- कुछ लोग सोचते हैं कि पेट खाली रहेगा तो उल्टी नहीं होगी। यह सोच बिल्कुल गलत है! खाली पेट रहने से पेट में गैस और एसिडिटी बढ़ती है, जिससे जी और ज्यादा मिचलाता है।
3. चाय-कॉफी से दूरी बनाएं- निकलने से ठीक पहले बहुत ज्यादा चाय, कॉफी या शराब न पिएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।