स्वास्थ्य

Nail Fungus: नाखून का रंग पीला पड़ना और मोटा होना न करें नजरअंदाज, Mayo Clinic ने बताया नेल फंगस का है संकेत

Nail Fungus Cause: नाखून में फंगल इन्फेक्शन (नेल फंगस) क्यों होता है और इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं? मेयो क्लिनिक की गाइडलाइंस के आधार पर समझें इस बीमारी के कारण, लक्षण और इससे बचने के उपाय।
2 min read
• •
Updated: 15 Jul 2026, 11:33 AM IST
nail fungus symptoms mayo clinic,yellow thick nails causes ,signs of toenail fungus ,
नाखूनों में फंगल इन्फेक्शन को ओनिकोमाइकोसिस (Onychomycosis) कहा जाता है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Nail Fungus Symptoms: हम अक्सर अपने हाथों और पैरों के नाखूनों की चमक खोने या उनका रंग बदलने को मामूली बात मानकर छोड़ देते हैं। कई बार लोग सोचते हैं कि यह किसी चोट की वजह से है या गंदे पानी में काम करने से हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नाखूनों का पीला पड़ना, मोटा होना या उनका टूटना एक गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है?

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, नाखूनों में होने वाले ये बदलाव नेल फंगस (Nail Fungus) यानी नाखूनों में फंगल इन्फेक्शन की वजह से हो सकते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इसे ओनिकोमाइकोसिस (Onychomycosis) कहा जाता है। आइए जानते हैं कि इसके मुख्य लक्षण क्या हैं।

कैसे पहचानें नेल फंगस?

  • रंग का बदलना।
  • नाखूनों का मोटा होना।
  • नाखून का टूटना या भुरभुरा होना।
  • आकार बिगड़ना।
  • अजीब सी बदबू आना।

यह ज्यादातर पैर के अंगूठे में ही क्यों होता है?

हाथों के मुकाबले पैर के नाखूनों में नेल फंगस होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। पैर ज्यादातर समय मोजे और जूतों में बंद रहते हैं। पसीने के कारण वहां नमी और गर्मी बनी रहती है, जो फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद माहौल है। हाथों की तुलना में पैरों की उंगलियों में खून का दौरा (blood circulation) थोड़ा कम होता है, जिससे शरीर का इम्यून सिस्टम वहां इन्फेक्शन से उतनी तेजी से नहीं लड़ पाता।

यह इन्फेक्शन क्यों और कैसे होता है?

मेयो क्लिनिक के मुताबिक, यह समस्या तब होती है जब एक खास तरह का फंगस (ज्यादातर डर्मेटोफाइट) नाखून के अंदर या उसके नीचे की त्वचा में घुस जाता है। इसके मुख्य कारण हैं;

  • उम्र बढ़ने के साथ नाखून सूखे और बेजान होने लगते हैं।
  • पसीने वाले जूते पहनना।
  • पब्लिक जगहों पर नंगे पैर घूमना।
  • नाखून के आसपास की त्वचा का कटा होना।
  • डायबिटीज, खून का दौरा सही न होना या कमजोर इम्यून सिस्टम।

इससे बचाव के आसान उपाय

  • नाखूनों को साफ रखें और उन्हें सीधा काटें।
  • ऐसे मोजे पहनें जो पसीना सोखते हों और जूतों को रोज बदल-बदल कर पहनें ताकि उन्हें सूखने का मौका मिले।
  • ब्यूटी पार्लर में पेडीक्योर या मेनीक्योर कराते समय ध्यान रखें कि टूल्स पूरी तरह साफ और सैनिटाइज हों।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

अगर आपके घरेलू उपायों के बाद भी नाखूनों की स्थिति खराब हो रही है, या आपको डायबिटीज है और नाखून का रंग बदल रहा है, तो तुरंत किसी स्किन स्पेशलिस्ट (Dermatologist) से मिलें। डॉक्टर एंटीफंगल दवाइयों या लोशन की मदद से इसे पूरी तरह ठीक कर सकते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
15 Jul 2026, 11:33 AM IST
Published on:
Also Read
View All
Diabetes Diwali Tips: दिवाली पर कितनी मिठाई खाएं, डायबेटोलॉजिस्ट से जानें डायबिटीज के मरीजों के लिए हेल्दी विकल्प और शुगर कंट्रोल टिप्स

आंखें अपने आप बार-बार बंद होने लगती हैं, क्या है यह अनोखा न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर?

Adulterated Mithai: दिवाली पर असली और नकली मिठाई की पहचान कैसे करें, जानें सेहत के खतरे और शिकायत का तरीका

Mouth Breathing: सोते समय मुंह खुला रह जाता है और नाक की जगह मुंह से लेते हैं सांस, वेबएमडी से जानें कौनसी समस्याएं हो सकती है

Sun Allergy: धूप में निकलते ही आने लगती हैं छींकें? हार्वर्ड हेल्थ से जानें क्यों रोशनी पड़ते ही सक्रिय हो जाती है नाक