Oatzempic VS Ozempic: हाल ही में सोशल मीडिया पर आपने एक ट्रेंड चलते हुए देखा होगा कि सिर्फ ओट्स, पानी और नींबू के सेवन से एक महीने में ओजेम्पिक इंजेक्शन के जितना वजन घटाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं यह ट्रेंड आपके स्वास्थ्य को नुकसान भी पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं कि ओजेम्पिक (Ozempic) इंजेक्शन और ओटजेम्पिक (Oatzempic) ड्रिंक क्या है? यह वायरल ड्रिंक कैसे काम करती है और स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ता है।
Oatzempic VS Ozempic: आपने अभी देखा होगा कि सोशल मीडिया पर 'ओटजेम्पिक' (Oatzempic) नाम का वजन घटाने का एक शेक बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। इसको लेकर यह दावा भी किया जा रहा है कि यह ओट्स ड्रिंक एक महीने में ही कई किलो वजन घटा सकती है। अब आप सोच रहे होंगे कि यह भला कैसे संभव है, यह तो ओजेम्पिक इंजेक्शन का काम हो गया। आखिर कैसे कोई एक ड्रिंक एक इंजेक्शन के बराबर काम कर सकती है। आइए जानते हैं कि आखिर क्या है इस वायरल दावे की सच्चाई या फिर यह भी बस इंटरनेट का उड़ता हुआ तीर है।
ओटजेम्पिक (Oatzempic) शब्द सबसे प्रसिद्ध वजन घटाने वाले इंजेक्शन और हमारी रसोई में मिलने वाले सबसे साधारण ओट्स से मिलकर बना है। वजन घटाने के लिए सब लोग कुछ न कुछ खोजते ही रहते हैं, लेकिन उसके लिए हम जो शॉर्टकट अपनाते हैं उनसे हमारे ही शरीर को नुकसान हो जाता है। आज के युवा ओट्स में पानी और नींबू का रस मिलाकर इसको नेचुरल ओजेम्पिक का नाम दे रहे हैं, खासकर भारत के नौजवान क्योंकि पश्चिमी संस्कृति अपनाने के चक्कर में उन्होंने मोटापा बढ़ा ही इस कदर लिया है।
ओजेम्पिक (Ozempic) एक वजन घटाने और हमारे शरीर के हार्मोन्स को नियंत्रित करने वाला इंजेक्शन है। इससे हमें भूख कम लगती है और वजन नियंत्रित होता है। दूसरी तरफ ओट्स एक अनाज का प्रकार है। यह भले ही हमारे पेट को भरा हुआ महसूस करवाता हो, लेकिन यह हमारे मेटाबॉलिज्म को इतनी जल्दी नहीं बदल सकता है। अब यह वायरल ट्रेंड क्यों काम करता है, इसका एक साधारण सा कारण है जो हमें अक्सर आंखों के सामने होकर भी दिखाई नहीं देता है।
इस ड्रिंक की तुलना वजन घटाने के इंजेक्शन से सिर्फ इस बात पर कर दी गई है कि यह एक चमत्कार है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। इसके पीछे भी विज्ञान का एक सीधा सा तरीका है कि सुबह के हैवी नाश्ते की जगह सिर्फ ओट्स का पानी पीने से हम बहुत कम कैलोरी लेते हैं। साथ ही ओट्स में बीटा-ग्लूकन नामक तत्व होता है जिससे हमें भूख कम लगती है और यह ट्रेंड काम करता है।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पद्धति से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।