
Oblique Fracture Hindi: चलते-फिरते अचानक गिर जाना, खेल-कूद के दौरान चोट लग जाना या फिर कोई सड़क हादसा होना हड्डी टूटने (फ्रैक्चर) की वजह कोई भी हो सकती है। जब भी किसी व्यक्ति की हड्डी टूटती है, तो सबसे पहला सवाल यही मन में आता है कि क्या यह सिर्फ प्लास्टर (कास्ट) चढ़ाने से ठीक हो जाएगी या फिर इसके लिए सर्जरी (ऑपरेशन) की जरूरत पड़ेगी? हड्डी किस तरह और किस एंगल पर टूटी है, इसी बात पर इलाज का पूरा तरीका निर्भर करता है। मेडिकल साइंस में तिरछी टूटी हुई हड्डी को ऑब्लिक फ्रैक्चर (Oblique Fracture) कहा जाता है। आइए समझें कि ऑब्लिक फ्रैक्चर क्या है, यह कैसे होता है और डॉक्टर इसमें प्लास्टर या सर्जरी का फैसला कब लेते हैं।
एओ फाउंडेशन (AO Foundation) के अनुसार, जब कोई हड्डी बिल्कुल सीधी (Ruler की तरह) न टूटकर किसी कोण या तिरछे कट (Diagonal Pattern) में टूटती है, तो उसे ऑब्लिक फ्रैक्चर कहते हैं। हमारी हड्डियां बहुत मजबूत होती हैं, लेकिन जब उन पर किसी खास कोण या तिरछी दिशा से अचानक बहुत तेज दबाव या झटका पड़ता है, तो हड्डी बीच में से तिरछी होकर दो हिस्सों में बंट जाती है। यह फ्रैक्चर शरीर की लंबी हड्डियों में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है, जैसे कि पैर की हड्डी (टिबिया/फिबुल), जांघ की हड्डी (फीमर), हाथ की हड्डी (ह्यूमरस/रेडियस) और उंगलियों की हड्डियाँ।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, ऑब्लिक फ्रैक्चर होने पर मरीज को तुरंत और बहुत तेज दर्द महसूस होता है। इसके प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं;
एओ फाउंडेशन और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ऑब्लिक फ्रैक्चर आमतौर पर सीधी चोट के बजाय किसी कोने से पड़े झटके की वजह से होता है;
ऑब्लिक फ्रैक्चर के इलाज में सबसे बड़ा मोड़ यही होता है कि हड्डी कितनी खिसकी है (Displaced or Non-displaced)। डॉक्टर एक्स-रे (X-Ray) या सीटी स्कैन देखकर यह फैसला लेते हैं;
अगर एक्स-रे में दिखता है कि हड्डी तिरछी टूटी तो है, लेकिन अपनी जगह से बिल्कुल भी नहीं खिसकी है (Non-displaced Oblique Fracture), तो इसे नॉन-सर्जिकल तरीके से ठीक किया जाता है। डॉक्टर टूटी हुई जगह को पूरी तरह स्थिर रखने के लिए उस पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) या फाइबरग्लास का प्लास्टर लगा देते हैं। प्लास्टर आमतौर पर 6 से 8 हफ्तों के लिए लगाया जाता है ताकि हड्डी प्राकृतिक रूप से जुड़ सके।
ऑब्लिक फ्रैक्चर तिरछा होता है, इसलिए इसमें हड्डी के फिसलने (Sliding) का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। सर्जरी की जरूरत इन स्थितियों में पड़ती है;
ऑब्लिक फ्रैक्चर को पूरी तरह ठीक होने में आमतौर पर 3 से 6 महीने का समय लग सकता है। ठीक होने की रफ्तार मरीज की उम्र, सेहत और फ्रैक्चर की गंभीरता पर निर्भर करती है। ध्यान रखने योग्य बातें निम्न हैं;
अगर किसी हादसे या गिरने के बाद आपके हाथ, पैर या उंगली में बहुत तेज दर्द हो रहा हो और सूजन बढ़ती जा रही हो, तो घरेलू नुस्खे आजमाने या किसी पहलवान से मालिश करवाने की गलती बिल्कुल न करें। तिरछी टूटी हड्डी की मालिश करने से नसें और मांसपेशियां कट सकती हैं। तुरंत किसी ऑर्थोपेडिक डॉक्टर (हड्डी रोग विशेषज्ञ) को दिखाएं और एक्स-रे करवाएं।