
Reticulocyte Count Test: अगर आपको लंबे समय से कमजोरी महसूस हो रही है, बार-बार चक्कर आते हैं या डॉक्टर ने एनीमिया (खून की कमी) की आशंका जताई है, तो सिर्फ हीमोग्लोबिन की जांच ही नहीं, बल्कि रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट भी कराने की सलाह दी जा सकती है। कई लोग इस टेस्ट का नाम पहली बार सुनते हैं और समझ नहीं पाते कि इसका क्या मतलब है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH), Cleveland Clinic और MedlinePlus के अनुसार, यह टेस्ट बताता है कि आपकी अस्थि मज्जा (Bone Marrow) नए लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) कितनी तेजी से बना रही है। यही वजह है कि डॉक्टर एनीमिया, खून बहने या कुछ रक्त संबंधी बीमारियों के कारण का पता लगाने के लिए इस जांच का सहारा लेते हैं।
रेटिकुलोसाइट्स (Reticulocytes) लाल रक्त कोशिकाओं के अपरिपक्व (Immature) रूप होते हैं। ये अस्थि मज्जा में बनते हैं और लगभग 1-2 दिन तक रक्त में रहने के बाद पूरी तरह परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं में बदल जाते हैं। रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट से यह मापा जाता है कि खून में इन अपरिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कितनी है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि शरीर नया खून सामान्य गति से बना रहा है या नहीं।
यह एक सामान्य ब्लड टेस्ट है। हाथ की नस से थोड़ा-सा खून लिया जाता है। सैंपल को प्रयोगशाला में जांचा जाता है। आमतौर पर इसके लिए किसी विशेष तैयारी या खाली पेट रहने की जरूरत नहीं होती। हालांकि डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए।
यदि रेटिकुलोसाइट काउंट अधिक हो तो NIH के अनुसार, इसका मतलब हो सकता है कि शरीर तेजी से नई लाल रक्त कोशिकाएं बना रहा है। ऐसा हाल में अधिक खून बहना, कुछ प्रकार की हीमोलिटिक एनीमिया (जहां लाल रक्त कोशिकाएं जल्दी नष्ट होती हैं), एनीमिया के इलाज के बाद शरीर की रिकवरी में देखा जा सकता है।
कम स्तर यह संकेत दे सकता है कि अस्थि मज्जा पर्याप्त नई लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना रही है। इसके संभावित कारणों में शामिल हैं:
हालांकि केवल इस टेस्ट के आधार पर बीमारी की पुष्टि नहीं की जाती। डॉक्टर अन्य ब्लड टेस्ट और मरीज के लक्षणों को भी ध्यान में रखते हैं।
Cleveland Clinic के अनुसार, रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट अकेले एनीमिया की पुष्टि नहीं करता, बल्कि यह बताता है कि एनीमिया होने पर शरीर उसकी भरपाई के लिए नया खून कितनी तेजी से बना रहा है। इसलिए इसे अक्सर Complete Blood Count (CBC), हीमोग्लोबिन और अन्य रक्त जांच के साथ किया जाता है।
यह एक सामान्य ब्लड टेस्ट है और इसमें जोखिम बहुत कम होता है। खून लेने वाली जगह पर हल्का दर्द, सूजन या नीला निशान पड़ सकता है, जो आमतौर पर कुछ समय में ठीक हो जाता है।
यदि आपको लगातार कमजोरी महसूस हो, चक्कर आते हों, सांस फूलती हो, त्वचा पीली दिखाई दे, या आपकी ब्लड रिपोर्ट में एनीमिया के संकेत हों, तो डॉक्टर रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट सहित अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।