स्वास्थ्य

केरल में 4 साल के बच्चे की मौत के बाद Shigella संक्रमण पर चर्चा तेज, जानिए बच्चों में इसके लक्षण

Shigellosis in Children: शिगेला एक खतरनाक बैक्टीरियल संक्रमण है जो बच्चों में दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार जानिए इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके।

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Jun 08, 2026
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संक्रमण की प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- freepik)

Shigella Infection Symptoms: केरल में हाल ही में 4 साल के एक बच्चे की शिगेला (Shigella) संक्रमण से मौत ने एक बार फिर माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक ऐसा बैक्टीरियल संक्रमण है जो खासकर छोटे बच्चों में तेजी से फैल सकता है और समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकता है।

क्या है शिगेला (Shigella) संक्रमण?

शिगेला (Shigella) एक बैक्टीरिया है जो आंतों और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। इससे होने वाली बीमारी को शिगेलोसिस (Shigellosis) कहा जाता है। यह संक्रमण आमतौर पर दूषित भोजन, गंदे पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, शिगेला संक्रमण बेहद संक्रामक होता है और बहुत कम मात्रा में बैक्टीरिया भी किसी व्यक्ति को बीमार कर सकते हैं। यही वजह है कि यह स्कूलों, डे-केयर सेंटर और भीड़भाड़ वाली जगहों पर तेजी से फैल सकता है।

बच्चों को क्यों होता है ज्यादा खतरा?

छोटे बच्चे अक्सर हाथ धोए बिना खाना खा लेते हैं या गंदी चीजों को छूने के बाद हाथ मुंह में डाल लेते हैं। यही कारण है कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) जल्दी हो सकती है, जो कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

शिगेला संक्रमण के लक्षण आमतौर पर बैक्टीरिया के संपर्क में आने के 1 से 2 दिन बाद दिखाई देते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • बार-बार दस्त लगना
  • मल में खून आना
  • बुखार और ठंड लगना
  • उल्टी या मतली
  • कमजोरी
  • शरीर में पानी की कमी

कुछ मामलों में संक्रमित व्यक्ति में लक्षण नहीं दिखते, लेकिन वह दूसरों तक संक्रमण फैला सकता है।

कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

अगर बच्चे को लगातार दस्त हो रहे हैं, मल में खून आ रहा है, तेज बुखार है या बच्चा बहुत सुस्त लग रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डिहाइड्रेशन के संकेत जैसे मुंह सूखना, पेशाब कम आना, रोते समय आंसू न आना और चक्कर आना भी गंभीर चेतावनी हो सकते हैं।

संक्रमण से बचाव कैसे करें?

शिगेला से बचाव का सबसे आसान तरीका अच्छी साफ-सफाई है। खाने से पहले और टॉयलेट के बाद साबुन से हाथ धोएं। बच्चों को हाथ धोने की आदत सिखाएं। साफ और सुरक्षित पानी पिएं। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं। संक्रमित बच्चे को पूरी तरह ठीक होने तक स्कूल न भेजें।

रिसर्च क्या कहती है?

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की रिपोर्ट के अनुसार, शिगेला संक्रमण के ज्यादातर मामले सही देखभाल और पर्याप्त पानी पीने से ठीक हो जाते हैं। लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में यह गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। इसलिए दस्त और बुखार जैसी सामान्य दिखने वाली समस्याओं को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। बच्चों की सेहत के मामले में थोड़ी सी सावधानी और समय पर इलाज बड़े खतरे को टाल सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
08 Jun 2026 10:07 am