
Slapped Cheek Syndrome Symptoms: जब अचानक बच्चा सुस्त होने लगे या उसके शरीर पर कुछ अजीब बदलाव दिखने लगें, तो फिक्र होना लाजिमी है। ऐसा ही एक बदलाव है, बच्चे के गालों का अचानक सुर्ख लाल हो जाना। कई बार माता-पिता को लगता है कि धूप की वजह से ऐसा हुआ है या बच्चे ने गाल रगड़ लिया होगा।
लेकिन, अगर यह लाली लगातार बनी हुई है और ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने गाल पर थप्पड़ मार दिया हो, तो यह स्लैप्ड चीक सिंड्रोम (एरिथेमा इन्फेक्शियोसम) हो सकता है। इसे फिफ्थ डिजीज (पांचवीं बीमारी) भी कहा जाता है। यह बच्चों में होने वाला एक आम वायरल इन्फेक्शन है। आइए एनएचएस से जानते हैं कि यह क्या है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और इसे पांचवीं बीमारी क्यों कहा जाता है।
यह एक तरह का इन्फेक्शन है जो पार्बोवायरस बी19 (Parvovirus B19) नाम के वायरस की वजह से फैलता है। यह बीमारी सर्दी-खांसी की तरह ही खांसने, छींकने या छूने से एक बच्चे से दूसरे बच्चे में आसानी से फैल जाती है। राहत की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में यह अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन इसके लक्षणों को पहचानना जरूरी है।
इस बीमारी की सबसे बड़ी उलझन यह है कि इसके असली लक्षण यानी गालों का लाल होना, इन्फेक्शन होने के कई दिनों बाद दिखाई देता है। शुरुआत में माता-पिता को लगता है कि बच्चे को मामूली सर्दी-जुकाम हुआ है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, आमतौर पर यह कुछ दिनों बाद अपने आप ठीक हो जाता है। गाल लाल होने से पहले बच्चे में ये लक्षण दिख सकते हैं;
बच्चों को होने वाली उन बीमारियों की लिस्ट जिनमें शरीर पर लाल चकत्ते या दाने (रैशेज) निकलते हैं उसमें स्लैप्ड चीक सिंड्रोम (Slapped Cheek Syndrome) पांचवें नंबर पर आता था, बस इसीलिए इसका नाम पांचवीं बीमारी पड़ गया।
यह एक वायरल इन्फेक्शन है, इसलिए इसकी कोई खास दवा नहीं होती। यह अमूमन 1 से 3 हफ्ते में खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है। आप ये घरेलू उपाय अपना सकते हैं;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।