
Stress Relief Foods: भागदौड़ भरी लाइफ, वर्क प्रेशर, नींद की कमी और निजी जिम्मेदारियों के चलते आज हर दूसरा इंसान तनाव यानी स्ट्रेस से जूझ रहा है। लगातार स्ट्रेस न सिर्फ मानसिक सेहत पर असर डालता है बल्कि शारीरिक बीमारियों को भी न्योता देता है। लेकिन अच्छी बात ये है कि आप कुछ खास फूड्स को डाइट में शामिल कर स्ट्रेस लेवल कम कर सकते हैं। जानिए ऐसे ही फूड्स और आसान टिप्स जो आपको तनाव से राहत देने में मदद करेंगे।
डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लैवोनॉयड्स मूड को बेहतर बनाते हैं और स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को कंट्रोल करते हैं। इसे लिमिट में खाने से दिमाग शांत रहता है और खुशी का अहसास होता है।
अखरोट, अलसी के बीज (Flaxseed) और फैटी फिश (Like Salmon) में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड तनाव को कम करने में मदद करते हैं। ये दिमाग की हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं।
कॉफी तनाव कम करने का एक सरल तरीका है। इसमें मौजूद कैफीन दिमाग को जागरूक बनाता है और मूड को तुरंत बेहतर करता है। साथ ही, यह ध्यान लगाने में सहायता करता है और डोपामिन हार्मोन को बढ़ाकर खुशी का अनुभव कराता है।
ग्रीन टी में अमीनो एसिड L-theanine पाया जाता है, जो स्ट्रेस कम करने और दिमाग को रिलैक्स करने में सहायक है। दिन में 1-2 कप ग्रीन टी पीना तनाव दूर करने का नेचुरल तरीका है।
एवोकाडो में हेल्दी फैट्स और विटामिन B होते हैं, जो नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और मूड को स्थिर रखते हैं। यह ब्लड प्रेशर को बैलेंस करता है, जिससे स्ट्रेस का असर कम होता है।
केले में पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है, जो नसों को शांत करने और स्ट्रेस दूर करने में मदद करता है। केला तुरंत एनर्जी भी देता है और मूड को बेहतर बनाता है।
बादाम में विटामिन E, जिंक और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो शरीर को तनाव से लड़ने की क्षमता देते हैं। रोजाना मुट्ठीभर बादाम खाना दिमाग के लिए भी फायदेमंद है।
ओट्स धीमे पचने वाले कार्ब्स का अच्छा स्रोत हैं, जो सेरोटोनिन लेवल बढ़ाते हैं। सेरोटोनिन एक ‘फील गुड’ हार्मोन है, जो स्ट्रेस कम करने में मदद करता है।
-रोजाना 10-15 मिनट ध्यान लगाने से मानसिक तनाव काफी हद तक कम होता है।
-कम से कम 7-8 घंटे की नींद दिमाग को रिलैक्स करती है।
-हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या वॉक स्ट्रेस मैनेजमेंट में असरदार है।
-दोस्तों और परिवार से बात करने से भी मन हल्का होता है।
-हर दिन कुछ समय मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाएं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।