
Stroke Early Signs and Symptoms: जब किसी व्यक्ति को अचानक लकवा (स्ट्रोक) आता है, तो अक्सर लोग कहते हैं कि यह बिना किसी चेतावनी के हो गया। लेकिन सच्चाई यह है कि कई मामलों में शरीर पहले से कुछ संकेत देने लगता है। समस्या यह है कि ज्यादातर लोग इन संकेतों को सामान्य थकान, कमजोरी या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
अमेरिका के National Institute of Neurological Disorders and Stroke (NIH), American Stroke Association और NHS UK के अनुसार, स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। समय पर लक्षण पहचान लिए जाएं तो मरीज की जान बचाई जा सकती है और स्थायी विकलांगता के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
स्ट्रोक का सबसे आम संकेत चेहरे की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी आना है। व्यक्ति मुस्कुराने की कोशिश करे तो चेहरे का एक हिस्सा नीचे लटक सकता है। यदि किसी व्यक्ति का चेहरा अचानक असामान्य दिखने लगे या होंठ एक तरफ झुक जाएं, तो इसे सामान्य समस्या मानकर इंतजार नहीं करना चाहिए।
NIH की रिपोर्ट के अनुसार, शरीर के एक तरफ हाथ, पैर या दोनों में अचानक कमजोरी महसूस होना स्ट्रोक का प्रमुख संकेत हो सकता है। कई लोगों को ऐसा लगता है जैसे उनका हाथ या पैर सो गया हो, लेकिन अगर यह अचानक हो और कुछ मिनटों में ठीक न हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
स्ट्रोक मस्तिष्क के उन हिस्सों को प्रभावित कर सकता है जो भाषा और संचार को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में व्यक्ति शब्दों को सही तरीके से बोल नहीं पाता। अस्पष्ट बोलने लगता है और सामने वाले की बात समझने में परेशानी महसूस करता है। अगर किसी व्यक्ति की बात अचानक लड़खड़ाने लगे, तो यह चेतावनी संकेत हो सकता है।
American Stroke Association के अनुसार, एक या दोनों आंखों में अचानक धुंधलापन, डबल विजन या नजर कम होना भी स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। कई बार लोग इसे आंखों की सामान्य थकान समझ लेते हैं, जबकि इसके पीछे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह की समस्या हो सकती है।
यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक बहुत तेज सिरदर्द हो, साथ में चक्कर आएं या चलने-फिरने में संतुलन बिगड़ जाए, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। खासकर यदि यह समस्या अचानक शुरू हुई हो, तो यह स्ट्रोक का शुरुआती संकेत हो सकती है।
American Stroke Association लोगों को FAST नियम याद रखने की सलाह देती है:
F (Face): चेहरा टेढ़ा पड़ना
A (Arms): हाथ उठाने में कमजोरी
S (Speech): बोलने में परेशानी
T (Time): तुरंत इमरजेंसी मदद लेना
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।