स्वास्थ्य

Sugar Free Ka Sach : सावधान! डायबिटीज से बचाने के नाम पर ‘शुगर फ्री’ आपको दे रहा है हार्ट अटैक!

Sugar Free Ka Sach:आजकल डायबिटीज के मरीजों की संख्या नियमित रूप से बढ़ रही है। ऐसे में लोग ज्यादातर शुगर फ्री प्रोडक्ट्स पर आंख बंद करके भरोसा करने लगे हैं, लेकिन क्या आपको पता है इन शुगर फ्री प्रोडक्ट्स का सेवन आपको हार्ट अटैक का मरीज बना रहा है? आइए जानते हैं कि कैसे शुगर फ्री के सेवन से हार्ट अटैक जुड़ा हुआ है और इससे बचने के लिए डायबिटीज मरीजों को क्या करना चाहिए।

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Jan 06, 2026
Sugar Free Ka Sach (image- gemini)

Sugar Free Ka Sach: आजकल हर कोई डायबिटीज से दूर रहना चाहता है और इसी चाहत में हम चीनी छोड़ देते हैं। सफेद चीनी छोड़कर हम अपना लेते हैं 'शुगर फ्री तकनीक'। हम अपनी दिनचर्या में शुगर फ्री शब्द जोड़कर बिल्कुल निश्चिंत हो जाते हैं। यह सोचकर हम खुशी से जिंदगी जी रहे होते हैं कि अब हमने चीनी छोड़ दी है तो हमें डायबिटीज हो ही नहीं सकती। अगर आप भी इस भ्रम में जी रहे हैं तो सावधान हो जाएं, आप डायबिटीज से बचने के चक्कर में हार्ट अटैक को गले लगा रहे हैं। आइए जानते हैं कि क्यों शुगर फ्री पेय हमें हार्ट अटैक की ओर ले जाते हैं और डायबिटीज के मरीजों को शुगर फ्री प्रोडक्ट्स खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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शुगर फ्री प्रोडक्ट्स से कैसे होता है हार्ट अटैक?(Sugar Free Link Heart Attack)

शुगर फ्री प्रोडक्ट्स को मीठा बनाने के लिए 'एरिथ्रिटोल' नामक तत्व का उपयोग होता है। एरिथ्रिटोल एक प्रकार का शुगर अल्कोहल होता है। इसमें मिठास तो होती है, लेकिन इसमें कैलोरी बिल्कुल भी नहीं होती। मुंबई के विशेषज्ञ डॉ. प्रणव घोडी के अनुसार, एरिथ्रिटोल का ज्यादा सेवन करने से हमारे प्लेटलेट्स आपस में चिपकने लगते हैं। प्लेटलेट्स के चिपकने से खून के थक्के बनने लगते हैं और यही थक्के हार्ट अटैक आने का कारण बनते हैं।

एरिथ्रिटोल (Erythritol) किसमें ज्यादा मिलता है?(Sugar Free Danger)

  • डाइट सोडा
  • कोल्ड ड्रिंक्स
  • प्रोटीन बार
  • शुगर फ्री मिठाइयों में
  • जीरो शुगर च्यूइंग गम में

डायबिटीज मरीज शुगर फ्री प्रोडक्ट्स खरीदते समय क्या ध्यान रखें?(Diabetes Patient Prevention)

  • केमिकल्स वाले स्वीटनर की जगह प्राकृतिक विकल्पों को अपनाएं।
  • मीठा खाने की इच्छा को धीरे-धीरे कम करें।
  • प्रोसेस्ड स्नैक्स की जगह ताजे फलों का सेवन करें।

डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पद्धति से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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