
Thyrotoxicosis Symptoms: क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि बिना बात के आपका दिल बहुत तेजी से धड़कने लगता है? थोड़ी सी गर्मी में भी पसीने से तर-बतर हो जाते हैं और पेट भरकर खाने के बाद भी वजन लगातार घटता जा रहा है? अगर ऐसा हो रहा है, तो इसे सिर्फ थकान या गर्मी का असर मानकर टालने की गलती न करें। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, ये सारे लक्षण थायरोटॉक्सिकोसिस (Thyrotoxicosis) नाम की स्थिति का इशारा हो सकते हैं। जब शरीर में थायराइड हार्मोन की मात्रा जरूरत से बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तब यह दिक्कत होती है। आइए समझते हैं कि थायरोटॉक्सिकोसिस क्या होता है, इसके कारण क्या होते हैं और इससे बचने के उपाय क्या हैं?
एनसीबीआइ के अनुसार, हमारे गले के निचले हिस्से में तितली के आकार की एक ग्रंथि (Gland) होती है, जिसे थायराइड कहते हैं। इसका काम शरीर का मेटाबॉलिज्म (ऊर्जा इस्तेमाल करने की क्षमता) कंट्रोल करना होता है। थायरोटॉक्सिकोसिस तब होता है जब आपके खून में थायराइड हार्मोन का लेवल बहुत ज्यादा हाई हो जाता है। जब शरीर में यह हार्मोन हद से ज्यादा बनने या बहने लगता है, तो शरीर का पूरा सिस्टम स्पीड में काम करने लगता है। इसी वजह से दिल की धड़कन तेज हो जाती है और शरीर में बेहिसाब गर्मी महसूस होती है।
अक्सर लोग इन दोनों नामों में उलझ जाते हैं। हाइपरथायरायडिज्म का मतलब है कि थायराइड ग्रंथि बहुत ज्यादा एक्टिव होकर हार्मोन बना रही है। जबकि थायरोटॉक्सिकोसिस उस स्थिति को कहते हैं जब खून में हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाए (चाहे वह ग्रंथि की गड़बड़ी से हुआ हो, सूजन से या बाहर से ली गई दवा की वजह से)। यानी हर हाइपरथायरायडिज्म की वजह से थायरोटॉक्सिकोसिस हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।