स्वास्थ्य

आग में जलने से ज्यादा खतरनाक हो सकता है धुआं, WHO और CDC से जानिए Toxic Fumes शरीर को कैसे पहुंचाते हैं नुकसान

Carbon Monoxide Poisoning: WHO, NIH और Cleveland Clinic की रिपोर्ट के अनुसार आग की घटनाओं में धुआं और जहरीली गैसें जलने से ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं। जानिए कार्बन मोनोऑक्साइड, स्मोक इनहेलेशन और इनके स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में।

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Jun 23, 2026
Smoke Inhalation Carbon Monoxide Poisoning Fire Accident Health Risks
आग के दौरान धुएं से प्रभावित व्यक्ति को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- gemini ai)

Toxic Fumes in Fire: जब भी आग लगने की खबर आती है, ज्यादातर लोग मानते हैं कि मौत या गंभीर चोट का कारण सिर्फ जलना होता है। लेकिन सच्चाई यह है कि कई आग की घटनाओं में लोगों की जान आग की लपटों से नहीं, बल्कि उससे निकलने वाले जहरीले धुएं (Toxic Fumes) और गैसों की वजह से जाती है।

हाल ही में Times of India में प्रकाशित एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया कि बंद इमारतों, घरों, अस्पतालों और व्यावसायिक परिसरों में लगी आग के दौरान धुआं और जहरीली गैसें कुछ ही मिनटों में जानलेवा साबित हो सकती हैं।

आग में धुआं इतना खतरनाक क्यों होता है?

World Health Organization (WHO) और Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार आग लगने पर सिर्फ लकड़ी ही नहीं जलती, बल्कि प्लास्टिक, फोम, सिंथेटिक कपड़े, पेंट और अन्य रसायन भी जलते हैं। इससे कई जहरीली गैसें निकलती हैं। इनमें शामिल हैं:

  • कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide)
  • हाइड्रोजन सायनाइड (Hydrogen Cyanide)
  • जहरीले कण (Toxic Particulates)
  • अन्य हानिकारक धुएं

ये गैसें शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित कर सकती हैं।

कार्बन मोनोऑक्साइड कैसे बनती है मौत की वजह?

CDC के अनुसार कार्बन मोनोऑक्साइड एक रंगहीन और गंधहीन गैस है, जिसे Silent Killer भी कहा जाता है। जब यह गैस शरीर में पहुंचती है, तो खून में मौजूद हीमोग्लोबिन से चिपक जाती है और ऑक्सीजन की जगह ले लेती है। नतीजा यह होता है कि मस्तिष्क, दिल और अन्य अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसके लक्षण हो सकते हैं:

  • सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • कमजोरी
  • भ्रम (Confusion)
  • बेहोशी
  • सांस लेने में परेशानी

गंभीर मामलों में कुछ ही मिनटों में मौत भी हो सकती है।

धुएं का फेफड़ों पर क्या असर पड़ता है?

आग से निकलने वाला धुआं सीधे श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है। National Institutes of Health (NIH) के अनुसार Smoke Inhalation Injury आग से जुड़ी मौतों का एक प्रमुख कारण है। धुएं के संपर्क में आने पर:

  • फेफड़ों में सूजन हो सकती है
  • सांस की नलियां सिकुड़ सकती हैं
  • ऑक्सीजन का स्तर गिर सकता है
  • निमोनिया का खतरा बढ़ सकता है

यही कारण है कि कई मरीज आग से बच जाने के बाद भी ICU तक पहुंच जाते हैं।

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होता है?

  • बच्चे
  • बुजुर्ग
  • अस्थमा के मरीज
  • COPD रोगी
  • हृदय रोगी
  • गर्भवती महिलाएं

आग लगने पर क्या करें?

NIH और फायर सेफ्टी विशेषज्ञ सलाह देते हैं:

  • तुरंत इमारत से बाहर निकलें
  • जमीन के करीब झुककर चलें क्योंकि धुआं ऊपर जमा होता है
  • लिफ्ट का इस्तेमाल न करें
  • मुंह और नाक को कपड़े से ढकें
  • बाहर निकलने के बाद दोबारा अंदर न जाएं
  • सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत मेडिकल सहायता लें

कब जरूरी है अस्पताल जाना?

अगर आग या धुएं के संपर्क के बाद ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • लगातार खांसी
  • सांस फूलना
  • सीने में दर्द
  • चक्कर आना
  • बेहोशी
  • होंठ या त्वचा का नीला पड़ना

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
23 Jun 2026 10:46 am