स्वास्थ्य

Cancer Disease: कैंसर होता क्या है, जानिए NIH क्या कहता है? WHO ने बताया कैसे शुरू होती है यह बीमारी

What is Cancer Disease: कैंसर आखिर होता क्या है? NIH और WHO की रिसर्च के अनुसार जानिए शरीर में कैंसर कैसे शुरू होता है, फैलता है और इसके प्रमुख कारण क्या हैं।

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Jun 11, 2026
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कैंसर के प्रति जागरूकता दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

What is Cancer: कई लोग सोचते हैं कि कैंसर एक गांठ (Tumor) का नाम है, कुछ लोग इसे सिर्फ एक जानलेवा बीमारी के रूप में जानते हैं। लेकिन सच यह है कि कैंसर को समझने के लिए हमें सबसे पहले अपने शरीर की सबसे छोटी इकाई यानी कोशिका (Cell) को समझना होगा। अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NIH) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, कैंसर कोई एक बीमारी नहीं है। यह 100 से ज्यादा अलग-अलग बीमारियों का समूह है, जो शरीर के किसी भी अंग या ऊतक में शुरू हो सकता है। इसकी जड़ में एक ही समस्या होती है शरीर की कुछ कोशिकाएं अपने ऊपर मौजूद नियंत्रण खो देती हैं और बिना रुके बढ़ने लगती हैं।

शरीर सामान्य रूप से कैसे काम करता है

हमारा शरीर खरबों कोशिकाओं से बना है। ये कोशिकाएं लगातार काम करती रहती हैं। कुछ कोशिकाएं नई बनती हैं, कुछ पुरानी होकर खत्म हो जाती हैं। यह प्रक्रिया बिल्कुल एक सुव्यवस्थित शहर की तरह चलती है, जहां हर व्यक्ति का एक निश्चित काम होता है और हर चीज नियमों के अनुसार होती है। मान लीजिए आपकी त्वचा पर हल्की खरोंच लग गई। शरीर तुरंत नई कोशिकाएं बनाकर उस हिस्से की मरम्मत शुरू कर देता है। जब घाव भर जाता है, तो नई कोशिकाओं का बनना भी बंद हो जाता है। यानी शरीर को अच्छी तरह पता होता है कि कब कोशिकाओं को बढ़ाना है और कब रोकना है।

कैंसर की शुरुआत कहां से होती है?

NIH के अनुसार, कैंसर की शुरुआत तब होती है जब किसी कोशिका के डीएनए (DNA) में बदलाव या म्यूटेशन (Mutation) हो जाता है। डीएनए को आप कोशिका का निर्देश पुस्तिका समझ सकते हैं। इसमें यह जानकारी होती है कि कोशिका को कैसे काम करना है, कब बढ़ना है और कब मर जाना है। लेकिन कभी-कभी तंबाकू, प्रदूषण, रेडिएशन, कुछ संक्रमण, बढ़ती उम्र या अन्य कारणों से डीएनए में गड़बड़ी आ जाती है। जब ऐसा होता है, तो कोशिका को मिलने वाले निर्देश बदल जाते हैं। अब वह कोशिका शरीर के नियमों का पालन नहीं करती।

जब कोशिकाएं ब्रेक लगाना भूल जाती हैं

सामान्य कोशिकाओं में एक तरह का सुरक्षा सिस्टम होता है। यदि कोशिका क्षतिग्रस्त हो जाए, तो शरीर उसे ठीक करने की कोशिश करता है। यदि वह ठीक नहीं हो पाती, तो उसे नष्ट कर दिया जाता है। लेकिन कैंसर कोशिकाएं इस सुरक्षा व्यवस्था से बच निकलती हैं। कैंसर कोशिकाओं के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है। वे लगातार बढ़ती रहती हैं, विभाजित होती रहती हैं और मरने से इंकार कर देती हैं।

शरीर के अंदर बनने लगती है असामान्य भीड़

जब ऐसी असामान्य कोशिकाएं लगातार बढ़ती रहती हैं, तो वे एक जगह जमा होने लगती हैं। समय के साथ यह जमा हुई कोशिकाएं एक गांठ या ट्यूमर (Tumor) का रूप ले सकती हैं। यहीं से एक और महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है।

क्या हर गांठ कैंसर होती है?

नहीं। यह एक बहुत बड़ा मिथक है कि शरीर में बनी हर गांठ कैंसर होती है। ट्यूमर के दो प्रकार होते हैं।

  1. बेनाइन (Benign) ट्यूमर

ये गांठें बढ़ सकती हैं, लेकिन आमतौर पर शरीर के दूसरे हिस्सों में नहीं फैलतीं। अधिकांश मामलों में ये जानलेवा नहीं होतीं।

  1. मैलिग्नेंट (Malignant) ट्यूमर

यही असली कैंसर होता है। ये आसपास के ऊतकों पर हमला कर सकता है और शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है।

कैंसर फैलता कैसे है?

WHO के अनुसार, कैंसर की सबसे खतरनाक विशेषता इसकी फैलने की क्षमता है। शुरुआत में कैंसर केवल एक अंग तक सीमित हो सकता है। लेकिन समय के साथ कैंसर कोशिकाएं अपने मूल स्थान से निकलकर रक्त (Bloodstream) या लसीका तंत्र (Lymphatic System) में प्रवेश कर सकती हैं। इसके बाद वे शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच जाती हैं। उदाहरण के लिए, फेफड़ों में शुरू हुआ कैंसर बाद में हड्डियों, लिवर या मस्तिष्क तक फैल सकता है। इस प्रक्रिया को मेटास्टेसिस (Metastasis) कहा जाता है। कैंसर से होने वाली अधिकांश गंभीर जटिलताओं के पीछे यही प्रक्रिया जिम्मेदार होती है।

कैंसर के इतने प्रकार क्यों होते हैं?

WHO के अनुसार, सबसे आम कैंसरों में शामिल हैं:

  • ब्रेस्ट कैंसर
  • फेफड़ों का कैंसर
  • कोलोरेक्टल कैंसर
  • प्रोस्टेट कैंसर
  • पेट का कैंसर
  • लिवर कैंसर
  • सर्वाइकल कैंसर

कैंसर होने का खतरा किन चीजों से बढ़ता है?

कैंसर का कोई एक कारण नहीं होता। इसके पीछे कई जोखिम कारक काम कर सकते हैं।

तंबाकू- दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों के सबसे बड़े कारणों में तंबाकू शामिल है।

शराब- अत्यधिक शराब का सेवन कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ाता है।

मोटापा और खराब खानपान- ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, कम फल-सब्जियां और बढ़ता वजन भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।

शारीरिक निष्क्रियता- लंबे समय तक बैठे रहना और व्यायाम न करना भी कैंसर से जुड़ा हुआ पाया गया है।

संक्रमण- एचपीवी (HPV), हेपेटाइटिस बी और सी जैसे कुछ संक्रमण भी कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

बढ़ती उम्र- उम्र बढ़ने के साथ कोशिकाओं में म्यूटेशन जमा होने लगते हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

क्या कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है?

हर कैंसर को रोकना संभव नहीं है। कुछ कैंसर आनुवंशिक कारणों से भी हो सकते हैं। लेकिन WHO का अनुमान है कि बड़ी संख्या में कैंसर के मामलों को जीवनशैली में बदलाव करके रोका जा सकता है। इसके लिए:

  • धूम्रपान न करें
  • तंबाकू के सभी रूपों से बचें
  • शराब सीमित करें
  • नियमित व्यायाम करें
  • स्वस्थ वजन बनाए रखें
  • फल और सब्जियों से भरपूर आहार लें
  • HPV और हेपेटाइटिस बी जैसे जरूरी टीके लगवाएं
  • समय-समय पर स्क्रीनिंग करवाएं

कैंसर को जल्दी पहचान क्यों जरूरी है?

कई प्रकार के कैंसर शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देते। यही वजह है कि लोग अक्सर तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। अगर कैंसर शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए, तो इलाज के सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों जैसे लंबे समय तक रहने वाली गांठ, बिना वजह वजन घटना, लगातार खांसी, असामान्य रक्तस्राव या कोई पुराना घाव न भरना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
11 Jun 2026 11:00 am