Dental Health Tips: क्या बार-बार सिर दर्द, कान में दबाव और जबड़े में जकड़न अकल दाढ़ की वजह से हो सकती है? जानिए डेंटिस्ट के बताए अकल दाढ़ के 7 बड़े संकेत और बचाव के तरीके।
Wisdom Teeth Symptoms: अक्सर लोग सिर के पीछे दर्द, जबड़े में जकड़न या कान के पास दबाव महसूस होने पर इसे तनाव, माइग्रेन या कमजोरी समझ लेते हैं। लेकिन डेंटिस्ट्स का कहना है कि कई बार इसकी असली वजह अकल दाढ़ यानी Wisdom Teeth भी हो सकती है।
डॉ. मुकेश कुमार, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन और डेंटल सर्जन के मुताबिक, अकल दाढ़ आमतौर पर 17 से 25 साल की उम्र के बीच निकलती है। अगर मुंह में जगह कम हो, तो यह दाढ़ टेढ़ी बढ़ने लगती है और आसपास की नसों पर दबाव डालती है। यही वजह है कि दर्द सिर्फ दांतों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सिर, कान और जबड़े तक पहुंच सकता है।
डॉ. मुकेश के मुताबिक, जब अकल दाढ़ पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाती, तो उसके आसपास बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं। इससे सूजन, इंफेक्शन और तेज दर्द हो सकता है। कई लोगों में यह दर्द सिर के पीछे, कान या गर्दन तक महसूस होता है। कुछ मामलों में दर्द इतना ज्यादा होता है कि लोग इसे माइग्रेन या साइनस की समस्या समझ बैठते हैं।
अगर मुंह खोलने या चबाने में दर्द हो रहा है, तो यह अकल दाढ़ का संकेत हो सकता है।
नसों पर दबाव पड़ने से दर्द सिर तक पहुंच सकता है।
कई बार अकल दाढ़ का दर्द कान के आसपास महसूस होता है।
अगर पीछे के मसूड़े लाल या सूजे हुए दिखें, तो संक्रमण हो सकता है।
जबड़े में जकड़न (Jaw Tightness) अकल दाढ़ की बड़ी निशानी मानी जाती है।
खाना खाते समय दर्द या दबाव महसूस होना भी संकेत हो सकता है।
अगर बिना वजह सिर दर्द बार-बार हो रहा है, तो दांतों की जांच करवाना जरूरी है।
डेंटिस्ट्स ने बताया कि जिन लोगों का जबड़ा छोटा होता है, उनमें अकल दाढ़ के फंसने का खतरा ज्यादा रहता है। इसके अलावा ओरल हाइजीन खराब होने और लंबे समय तक डेंटल चेकअप न कराने से समस्या बढ़ सकती है।
अगर दर्द 3-4 दिन से ज्यादा रहे, चेहरे पर सूजन आए, बुखार हो या मुंह खोलने में परेशानी हो रही हो, तो तुरंत डेंटिस्ट से मिलना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।