
Shani Vakri 2026: इस साल का एक बड़ा ज्योतिषीय बदलाव लेकर आ रहा है, जब न्याय के देव शनि लगभग 4 महीने 18 दिन (138 दिनों) तक वक्री रहेंगे। 27 जुलाई से मीन राशि में शुरू होने वाली यह वक्री चाल कई राशियों के जीवन में गहरा प्रभाव डाल सकती है। जहां कुछ लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, वहीं कुछ राशियों के लिए यह समय आर्थिक लाभ और नए अवसरों का द्वार खोलेगा। ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, यह अवधि अतीत की गलतियों को सुधारने और जीवन को नई दिशा देने का मौका भी है। खासतौर पर तुला समेत कुछ राशियों के लिए यह समय अप्रत्याशित धन लाभ और प्रगति का संकेत दे रहा है।
जब शनि वक्री होते हैं, तो यह समय हमें अपने पुराने फैसलों, गलतियों और अधूरे कार्यों पर दोबारा ध्यान देने का संकेत देता है। इसे एक तरह से “सुधार काल” कहा जा सकता है, जहां व्यक्ति अपने कर्मों को बेहतर बनाकर आगे बढ़ सकता है।
तुला राशि वालों के लिए यह समय संघर्षों पर विजय का संकेत देता है। कर्ज कम हो सकते हैं और विरोधियों पर जीत मिलने की संभावना है। नौकरी बदलने या नया काम शुरू करने के लिए यह समय अनुकूल रहेगा।
तुला राशि वालों के लिए शनिदेव की कृपा पाने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका मंत्र जाप माना जाता है। मुख्य मंत्र "ॐ छायापुत्राय नमः" है, जिसे शनिवार के दिन 108 बार श्रद्धा से जपने पर शुभ फल मिलते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।इसके अलावा, "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" शनि का बीज मंत्र है, जिसका नियमित जाप करने से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और शनि अनुकूल परिणाम देने लगते हैं।
इस दौरान आय में वृद्धि के योग बनेंगे। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
निवेश से लाभ मिलने के प्रबल योग हैं। लंबे समय से रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। साथ ही रिश्तों में सुधार और पढ़ाई में प्रगति देखने को मिलेगी। इस दौरान क्या रखें ध्यान में की शनि वक्री के समय जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए।
“ॐ शं शनैश्चराय नमः”
हर शनिवार को इस मंत्र का 108 बार जप करना लाभकारी माना जाता है।