
Jagdalpur Municipal Corporation: बस्तर के जगदलपुर में नगर निगम ने वर्षों से किराया जमा नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत संजय बाजार की 15 दुकानों को सील कर दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया और अन्य दुकानदारों में भी डर का माहौल बन गया। नगर निगम की टीम सुबह बाजार पहुंची और बकायेदार दुकानों पर एक-एक कर ताले लगा दिए। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार निगम अधिकारियों से मोहलत मांगते नजर आए, लेकिन टीम ने साफ कर दिया कि अब बकाया जमा नहीं करने वालों को किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी।
सीलिंग अभियान के दौरान निगम ने बकाया किराये के रूप में 1 लाख 42 हजार 640 रुपए की वसूली भी की। बताया जा रहा है कि कार्रवाई शुरू होते ही कई दुकानदारों ने तुरंत बकाया राशि जमा करनी शुरू कर दी, ताकि उनकी दुकान सील न हो। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जिन दुकानदारों ने लंबे समय से किराया नहीं चुकाया है, उनके खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
नगर निगम के राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा के मुताबिक, निगम की करीब 60 दुकानों पर लगभग 40 लाख रुपए का किराया बकाया है। कई बार नोटिस जारी करने और चेतावनी देने के बावजूद दुकानदारों ने राशि जमा नहीं की। निगम का कहना है कि सरकारी संपत्तियों का किराया समय पर जमा करना जरूरी है, लेकिन कुछ लोग वर्षों से किराया दबाकर बैठे हैं। इसी वजह से अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब केवल नोटिस जारी करने तक मामला सीमित नहीं रहेगा। बकाया किराया नहीं चुकाने वालों के खिलाफ सीधे सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान राजस्व विभाग की पूरी टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो आगे और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
15 दुकानों पर ताला लगने के बाद पूरे बाजार में कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई। कई दुकानदार अपने दस्तावेज और बकाया राशि की जानकारी जुटाते नजर आए। व्यापारियों का कहना है कि निगम की अचानक कार्रवाई से बाजार में दहशत का माहौल बन गया है। वहीं निगम का कहना है कि नियम सभी के लिए समान हैं और सरकारी राजस्व की वसूली हर हाल में की जाएगी।
नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा। जिन दुकानदारों पर किराया बकाया है, उन्हें जल्द भुगतान करने को कहा गया है। निगम प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्तियों का उपयोग करने वाले सभी लोगों को नियमों का पालन करना होगा। यदि कोई बकाया जमा नहीं करता है, तो उसकी दुकान सील करने जैसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।