
CJP Spokesperson Ashutosh Ranka Beaten: जयपुर के सांगानेर में स्थित रामपुरा-कंवरपुरा इलाके में उस समय भारी बवाल और तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी टीम के साथ स्थानीय सरकारी स्कूल का दौरा करने पहुंचे। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले ही ग्रामीण वहां भारी संख्या में एकत्र हो गए और CJP टीम का विरोध करते हुए धक्का-मुक्की और बहस के बीच उन्हें गांव से खदेड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका रामपुरा-कंवरपुरा स्थित सरकारी विद्यालय में जर्जर भवन का मुआयना करने और उस पर बयानबाजी करने के इरादे से पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही ग्रामीणों को उनके आने की भनक लगी, दर्जनों लोग स्कूल के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और CJP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों का आक्रोश इतना अधिक था कि उन्होंने रांका और उनके सहयोगियों को स्कूल परिसर के भीतर कदम तक नहीं रखने दिया और मारपीट कर भगा दिया।
ग्रामीणों के इस कड़े विरोध के पीछे मुख्य वजह यह थी कि वे इस मुद्दे पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं चाहते थे। ग्रामीणों का साफ कहना था कि स्कूल भवन के जर्जर होने की समस्या का समाधान वे खुद स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर करा रहे हैं। सरकार ने स्कूल की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए बजट भी स्वीकृत कर दिया है।
ऐसे में ग्रामीणों का आरोप है कि सीजेपी के लोग महज अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने, पब्लिसिटी बटोरने और मुद्दा बनाकर गांव में गंदगी फैलाने आए हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब समस्या का समाधान सरकारी स्तर पर हो चुका है, तो किसी भी बाहरी दल को दखल देने का कोई हक नहीं है।
घटनास्थल का माहौल बेहद गर्मा-गर्मी और विरोध से भरा हुआ था। ग्रामीण आशुतोष रांका और CJP कार्यकर्ताओं को तुरंत वापस जाने की हिदायत दे रहे थे। वीडियो में भी साफ देखा जा सकता है कि गुस्से में लोग मुक्के उठाकर चिल्ला रहे थे और तीखी बहस कर रहे थे। हालांकि, कोई औपचारिक या पार्टी-विरोधी लंबे नारे नहीं गूंज रहे थे, लेकिन ग्रामीणों के हाव-भाव और आक्रोश से साफ जाहिर था कि CJP टीम को वहां से तुरंत खदेड़ना ही उनका एकमात्र मकसद था।
ग्रामीणों के कड़े रुख, हाथापाई की स्थिति और बढ़ते आक्रोश को देखकर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके कार्यकर्ताओं को समझ आ गया कि माहौल उनके अनुकूल नहीं है। आखिरकार ग्रामीणों के भारी दबाव और धक्का-मुक्की के कारण CJP टीम को बिना स्कूल में प्रवेश किए वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा।
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर भी आशुतोष रांका के ट्वीट के बाद चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों की इस सख्त प्रतिक्रिया ने यह संदेश साफ दे दिया है कि वे अपने स्थानीय विकास कार्यों में किसी भी बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेंगे।
बताते चलें कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को आशुतोष रांका ने 'All outsiders sent to incite violence' लिखकर ट्वीटर किया है, वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक स्कूल के बाहर जमा हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। वायरल वीडियो को देखते हुए कहा जा सकता है कि सीजेपी के वहां आने से पहले ही ग्रामीणों ने सीजेपी कार्यकर्ताओं को वहां न आने की चेतावनी दी थी।
आशुतोष रांका ने ट्वीट कर लिखा, रामपुरा-कंवरपुरा में पिछले काफी सालों से स्कूल भैंसों के तबेले में चल रहा है। लेकिन जब हम वहां निरीक्षण करने पहुंचे तो सरेआम मारपीट, पत्थरबाजी की गई। कारों के शीशे फोड़े गए, टीम पर पत्थर बरसाए गए। कपड़े फाड़े गए। ट्यूब में पत्थर डालकर टीम को मारा गया। मेरे कपड़े फाड़े गए। यह सब मदन दिलावर के कहने पर हुआ है। मदन दिलावर को बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहे, यह मंज़ूर है। लेकिन स्कूल ठीक हो जाये, यह मंज़ूर नहीं। मदन दिलावर जी आपने आज गुंडे भेजकर पूरे देश में राजस्थान को शर्मसार कर दिया। लेकिन हम इस गुंडागर्दी से डरने वाले लोग नहीं है। स्कूल तो ठीक कराने ही होंगे।