जयपुर

Jaipur: जवाहर कला केंद्र में IAS निधि चौधरी की पेंटिंग्स का प्रदर्शन, अध्यात्म से लेकर प्रेम के भरे रंग; वन मंत्री ने किया उद्घाटन

देश में 20 से ज्यादा प्रदर्शनियां कर चुकी आईएएस निधि चौधरी की जयपुर में यह पहली प्रदर्शनी है।

2 min read
Aug 29, 2025
Photo- Patrika Network

जयपुर। जवाहर कला केंद्र की अलंकार दीर्घा में कला प्रदर्शनी 'चित्रायन: चित्रों की यात्रा' में निधि चौधरी, निकिता तातेड़, परिधि जैन और शगुन अग्रवाल की कला का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनी प्रकृति, पौराणिक कथाओं और मानवीय भावनाओं को एक रंगीन कलात्मक बुनावट में पिरोती है, जहां हर कृति आत्मचिंतन, अभिव्यक्ति और दृश्य कथानक का एक अनूठा अनुभव देती है। देश में 20 से ज्यादा प्रदर्शनियां कर चुकी आईएएस निधि चौधरी की जयपुर में यह पहली प्रदर्शनी है। बड़ी संख्या में दर्शक जेकेके पहुंच रहे हैं और पेंटिंग्स का अवलोकन कर रहे हैं। प्रदर्शनी रविवार 31 अगस्त तक चलेगी।

ये भी पढ़ें

जयपुर: सात दिन में मीट की दुकानों पर लिखना होगा- हलाल है या झटका… महापौर सौम्या गुर्जर ने दिए आदेश

प्रदर्शनी में खास

यहां निधि चौधरी की पेंटिंग्स में केदारनाथ के साथ ही भगवान शिव की अन्य कथाओं की जानकारी लेने के लिए स्कूली बच्चे भी पहुंचे। उन्होंने हर एक पेंटिंग के बारे में विस्तार से जाना। यहां उन्होंने सूफीज्म के बारे में भी सवाल किए। वहीं कपास, मछलिया, स्त्री देह और मन, भगवान जन्नाथ व अन्य अध्यात्म और प्रेम की संवेदनाओं से भरपूर कला प्रदर्शनी को हर किसी ने सराहा। बता दें कि प्रदर्शनी का उद्घाटन वन मंत्री संजय शर्मा ने किया था। इस मौके पर विधायक युनूस खान, अहमदाबाद आईजी विधि चौधरी, गुजरात के आणंद जिला कलक्टर प्रवीण चौधरी भी मौजूद रहे।

राजस्थान से है नाता

कलाकार निधि चौधरी महाराष्ट्र कैडर की आइएएस अधिकारी हैं और मूलतः डीडवाना जिले से हैं। उनकी कलाकृतियां गहन व्यक्तिगत व सृजनात्मक यात्रा को दर्शाती हैं। राजस्थान की निधि चौधरी अभी नेशनल गैलेरी ऑफ मॉडर्न आर्ट मुंबई के निदेशक पद पर कार्यरत हैं। निधि एक उम्दा लोकसेवक होने के साथ-साथ प्रभावी वक्ता, लेखिका भी हैं।

वहीं, निकिता तातेड़ मोज़ेक और मेश पेंटिंग के जरिए सांस्कृतिक विरासत तथा आधुनिक दृष्टिकोण का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है। कलाकार परिधि जैन ने भारत के समकालीन कला परिदृश्य में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। वहीं शगुन अग्रवाल अपनी कला से सार्वभौमिक अनुभवों को जोड़ती हैं और दर्शकों को अपनी कृतियों में स्वयं को खोजने का आमंत्रण देती हैं।

ये भी पढ़ें

‘ये दुख कई दिनों में मिटेगा’, हनुमान बेनीवाल के आरोपों पर किरोड़ी लाल का जवाब; खोला 200 करोड़ का सच

Published on:
29 Aug 2025 07:59 pm
Also Read
View All
खुशखबरी: एसिड अटैक पीड़ितों को ‘वनपाल’ बनाएगी भजनलाल सरकार, 12वीं पास होना जरूरी, RSSB ने विज्ञापन में आरक्षित किए पद

नमस्कार, मैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोल रहा हूं…सुनते ही चौंका ग्रामीण, शिकायत पर रात होते-होते हैंडपंप में आने लगा पानी

Army Day Parade: जयपुर में आर्मी डे परेड देखने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, इन वस्तुओं को ले जाने पर प्रतिबंध

कोहरे में छिप गई आमेर महल की भव्यता व शान,नहीं हुए दीदार, पर्यटक खुद तस्वीर बन गए

राजस्थान में डिजिटल क्रांति: जयपुर में ऑनलाइन ई-पट्टा, भीलवाड़ा में AI से ढूंढ़ रहे सड़क के गड्ढे, डिजिफेस्ट में नवाचार पर चर्चा

अगली खबर