जयपुर

नशामुक्ति के लिए अब नहीं जेब ढीली करने की जरूरत! जयपुर में शुरू हुआ ATF सेंटर, दवाएं और इलाज मिलेंगे फ्री

Free De Addiction Center Jaipur: जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मनोचिकित्सा केंद्र में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) शुरू हो गई है। अब नशे की लत से जूझ रहे मरीजों को मुफ्त इलाज और दवाएं मिलेंगी, साथ ही पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी। जानिए पूरी जानकारी।
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Aug 02, 2026
Free de addiction center Jaipur
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जयपुर. नशे की लत से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों के लिए एक राहत की खबर सामने आई है। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजकीय मनोचिकित्सा केंद्र (साइकियाट्रिक सेंटर) में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) पूरी तरह शुरू हो गई है। नशे की लत से जूझ रहे मरीजों को उपचार में उपयोग होने वाली लगभग सभी दवाएं निःशुल्क मिलेंगी। बाहर से कोई दवा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मनोचिकित्सा केंद्र में शराब, अफीम, स्मैक, हेरोइन, डोडा-पोस्त, तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट, गांजा, नींद की गोलियों और अन्य नशीले पदार्थों की लत से छुटकारा पाने के लिए बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश की उम्र 20 से 45 वर्ष के बीच होती है। अब तक केंद्र में जांच, भर्ती और काउंसलिंग की सुविधा निःशुल्क थी, लेकिन नशामुक्ति से संबंधित दवाओं के विकल्प सीमित थे। इसे देखते हुए केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) शुरू की गई है। इसके तहत उपचार में उपयोग होने वाली लगभग सभी प्रकार की दवाओं की आपूर्ति एम्स से सम्बद्ध नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीटीसी), गाजियाबाद के माध्यम से की जा रही है।

काउंसलिंग होगी, पहचान गोपनीय

दवाओं के साथ मरीजों और उनके परिजनों की काउंसलिंग भी की जाएगी, ताकि दोबारा नशे की ओर लौटने की आशंका कम हो। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज की पहचान और उपचार से जुड़ी पूरी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। नशे, तनाव, अवसाद या मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोग राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर चौबीसों घंटे निःशुल्क परामर्श ले सकते हैं। यह सेवा भी गोपनीय है।

अधिकारियों के वक्तव्य

बिना झिझक के सुविधा का लाभ दिलाना है उद्देश्य

हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को बिना किसी झिझक के सरकारी सुविधा का लाभ दिलाना है, ताकि वे नशे की लत से बाहर निकलकर मुख्यधारा में लौट सकें।

-डॉ. धर्मदीप सिंह, नोडल अधिकारी, एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी

आर्थिक बोझ भी कम होगा

नशा मुक्ति का वैज्ञानिक और प्रमाणित उपचार अब मरीजों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उन्हें इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और आर्थिक बोझ भी कम होगा।

-डॉ. योगेश सतीजा, चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय मनोचिकित्सा केंद्र

Updated on:
02 Aug 2026 12:21 pm
Published on:
02 Aug 2026 12:21 pm