Cultural Heritage: राइजिंग राजस्थान: जयपुर में पर्यटन निवेश को धरातल पर उतारने की मुहिम। जयपुर को पर्यटन हब बनाने की कवायद, जिला कलक्टर का निवेशकों को भरोसा। 69 हजार करोड़ के एमओयू लागू करने का संकल्प, जयपुर में बढ़ेगा पर्यटन।
Rising Rajasthan: जयपुर। जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि राइजिंग राजस्थान समिट के तहत पर्यटन क्षेत्र में हुए सभी 332 एमओयू की शत-प्रतिशत क्रियान्विति सुनिश्चित की जाएगी। सोमवार को होटल गणगौर में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में उन्होंने निवेशकों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूर्ण समर्पण और पारदर्शिता के साथ निवेश को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. सोनी ने बताया कि जयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक किले, महल, हवेलियां और हस्तशिल्प पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं प्रदान करते हैं। लक्जरी होटल, ईको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और फिल्म शूटिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि 80 हजार से अधिक रोजगार अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि जयपुर का पर्यटन वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत पहचान बनाएगा।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि अब तक 1600 करोड़ रुपए के 11 बड़े एमओयू सफलतापूर्वक लागू हो चुके हैं। राइजिंग राजस्थान के तहत जयपुर में 69 हजार 133 करोड़ रुपए के निवेश करार हुए, जिनमें होटल, रिसॉर्ट, एडवेंचर और ईको-टूरिज्म जैसे क्षेत्र शामिल हैं। जिला प्रशासन नियमित मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय से हर परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए कटिबद्ध है।
डॉ. सोनी ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या का त्वरित समाधान होगा, ताकि जयपुर पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके और आर्थिक-सांस्कृतिक समृद्धि का नया अध्याय लिखे।