जयपुर

Jaipur: हवेली में मिले खजाने से बदल गई मजदूरों की लाइफ स्टाइल, किसी ने बेटी की शादी में किए खर्च तो किसी ने अय्याशी में उड़ाए

Jaipur Haveli Treasure Theft: कल तक एक दिन मजदूरी नहीं मिलती थी तो ‘छोटू’ के लिए घर का चूल्हा जलाना मुश्किल हो जाता था। त्रिपोलिया बाजार की एक पुरानी हवेली की तुड़ाई के बाद उसकी जिंदगी बदल गई।
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Aug 09, 2026
Jaipur Haveli Treasure Theft
वह जगह, जहां पर मिला सोने-चांदी का खजाना। फोटो: पत्रिका

जयपुर। कल तक एक दिन मजदूरी नहीं मिलती थी तो ‘छोटू’ के लिए घर का चूल्हा जलाना मुश्किल हो जाता था। त्रिपोलिया बाजार की एक पुरानी हवेली की तुड़ाई के बाद उसकी जिंदगी बदल गई। मजदूर महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू ने किराए पर बुलडोजर और ट्रैक्टर लेने की बजाय खुद खरीद लिए। मजदूरी करने वाले जगदीश राजोरिया ने बेटी की शादी में करीब 20 लाख रुपए खर्च कर दिए। बाकी मजदूरों ने भी मजदूरी छोड़ दी। रोज रात शराब की महफिल और रहने-खाने के खर्च में कोई कमी नहीं रही। अचानक बदली लाइफ स्टाइल ने पुलिस का शक बढ़ाया तो दस महीने पहले त्रिपोलिया बाजार की हवेली की तुड़ाई के दौरान मिले कथित खजाने का राज सामने आ गया।

जयपुर डीसीपी (नॉर्थ) करन शर्मा ने बताया कि खजाने की चोरी के खुलासे का अहम किरदार मजदूर अनुज अरोड़ा बना। पुलिस के अनुसार, खजाना मिलने के बाद मजदूरों के बीच उसका भी हिस्सा तय किया गया था, लेकिन अनुज को जितने हिस्से का भरोसा दिलाया गया था, उतना माल नहीं मिला। उसने ठेकेदार महेश मल्होत्रा से शिकायत की। ठेकेदार ने उसे यह कहकर टालने का प्रयास किया कि मालिक को खजाने का पता चल गया है, इसलिए उसे ज्यादा हिस्सा नहीं दिया जा सकता। अनुज को बात पर संदेह हुआ। वह सीधे भवन मालिक से इसकी पुष्टि करने पहुंच गया। मालिक को जब खजाने की कोई जानकारी नहीं होने का पता चला तो पूरे मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची और दस महीने पुराने रहस्य की जांच शुरू हुई।

हवेली की तुड़ाई में निकला था ‘गुप्त खजाना’

एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल ने बताया कि विद्याधर का रास्ता स्थित भवन संख्या 630 राहुल सेठी के परिवार का है। पुराने भवन को गिराकर नया कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए डिवाइन-1 एलएलपी को काम दिया गया था। फर्म ने भवन गिराने का ठेका महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को दिया था। भवन मालिक ने ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि तुड़ाई के दौरान कोई पुरानी या गुप्त संपत्ति मिले तो उसे मालिक को सौंपना होगा। पुलिस जांच के अनुसार तुड़ाई के दौरान दीवार और नींव से चांदी की सिल्लियां, पुराने चांदी के सिक्के और कथित तौर पर सोने के कलश मिले। आरोप है कि खजाना मिलने के बाद ठेकेदार और उसके साथियों ने इसकी जानकारी मालिक को देने की बजाय आपस में बांट लिया।

बदली लाइफ स्टाइल ने खोली ‘चोरों’ की पोल

थानाधिकारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि पुलिस की जांच में आरोपियों की बदली जिंदगी सबसे अहम कड़ी बनी। खजाना मिलने के बाद छोटू ने बुलडोजर और ट्रैक्टर खरीद लिए। एक मजदूर जगदीश की बेटी की शादी में करीब 20 लाख रुपए खर्च हुए। बाकी मजदूरों ने भी मजदूरी करना लगभग बंद कर दिया।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। फोटो: पत्रिका

66.4 किलो चांदी बरामद

मामला गत 15 जुलाई को माणकचौक थाने में दर्ज हुआ। घटना पुरानी होने के कारण पुरानी हवेली जमींदोज हो चुकी थी और वहां नया निर्माण भी हो गया था। मौके से सीसीटीवी या अन्य डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना भी नहीं थी। ऐसे में पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों, आर्थिक स्थिति और बदली लाइफ स्टाइल को जांच का आधार बनाया। माणकचौक थाना पुलिस और डीएसटी जयपुर नॉर्थ की टीम ने आरोपी महेश मल्होत्रा (46), जगदीश राजोरिया (51), ओमप्रकाश खीची उर्फ पप्पू (54), रजनी मल्होत्रा (36), मंडी खटीकान रामगंज, अनुज अरोड़ा (28), लक्ष्मीनारायणपुरी रामगंज को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 66.4 किलो चांदी बरामद कर ली।

अभी सोने के कलश और हजारों सिक्कों की तलाश

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, करीब 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के और 14 से 15 कलशों में प्राचीन स्वर्ण सिक्के मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब बरामद चांदी के अलावा कथित स्वर्ण सिक्कों और बाकी चांदी के सिक्कों की तलाश में जुटी है।

Updated on:
09 Aug 2026 08:48 am
Published on:
09 Aug 2026 08:48 am